जागरण संवाददाता, बरेली: नगर निगम में एक नए लेटर बम ने खलबली मचा दी है। अब महापौर ने मुख्य अभियंता के खिलाफ एक अवर अभियंता पर विशेष कृपादृष्टि रखने का आरोप लगाया है। उस जेई को करीब 70 फीसद काम देकर अन्य अवर अभियंताओं के साथ पक्षपात करने की बात कही है। उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर सभी जेई को बराबर काम बांटने को कहा है।

महापौर डा. उमेश गौतम को बीते दिनों सीबीगंज के महेश चंद्र गंगवार ने शिकायती पत्र दिया था। उनका आरोप था कि नगर निगम ने 15वें वित्त आयोग के तहत करीब 35 करोड़ रुपये के टेंडर किए थे। नगर निगम में दो मुख्य अभियंता बीके सिंह और संजय चौहान है। एक कार्यवाहक एक्सईएन संजीव प्रधान और एक एई मनोज गुप्ता हैं। इसके अलावा छह अवर अभियंता हैं। मुख्य अभियंता ने एक ही अवर अभियंता को 70 फीसद काम आवंटित कर दिए हैं। सारे काम मिलाकर करोड़ों रुपये के हैं। जबकि निगम में अन्य जेई के पास काफी कम काम हैं। इससे भ्रष्टाचार होने की पूरी संभावना है।

सरकार की छवि हो रही धूमिल

महापौर ने निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा एक ही अभियंता को 70 फीसद काम आवंटित करने के मामले को लेकर नया पत्र नगर विकास मंत्री को भेजा है। उनका कहना है कि इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इस कारण मुख्य अभियंता बीके सिंह का तत्काल तबादला किया जाए।

वर्जन

निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता ने अवर अभियंता को करोड़ों रुपये के काम आवंटित कर दिए। जबकि उनसे वरिष्ठ अभियंताओं के पास बहुत कम काम हैं। मामले की जांच होनी जरूरी है। इससे नगर निगम व सरकार की छवि खराब हो रही है। इसलिए नगर विकास मंत्री से मुख्य अभियंता को हटाने की सिफारिश की है। नगर आयुक्त को सभी इंजीनियरों को बराबर काम बांटने को कहा है।

डा. उमेश गौतम, महापौर

Edited By: Jagran