बरेली, जेएनएन : शहर के सेंट्रल जोन में डाली जा रही ट्रंक सीवर लाइन को कम क्षमता का आरोप लगाने वाले पार्षदों की शिकायत पर महापौर ने बाहरी एजेंसी से पुनरीक्षण करवाने को कहा है। उन्होंने आइआइटी के इंजीनियरों को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत शहर में जल निगम ने ट्रंक सीवर लाइन डालने का काम शुरू किया है। योजना के पहले चरण में यह लाइन शहर के सेंट्रल जोन में डाली जा रही है। जल निगम को करीब 12 किलोमीटर लंबी लाइन डालनी है। ईसाइयों की पुलिया के पास खोदाई शुरू होने के बाद से ही पार्षद विरोध में उतर गए हैं। भाजपा उप नेता छंगामल मौर्य ने बीते दिनों बिछाई जा रही ट्रंक सीवर लाइन को गोलाई(व्यास) कम होने का आरोप लगाया था।

उनका आरोप है कि इससे चौड़ी सीवर लाइन तो सिंधु नगर में वर्षो पहले डाली गई। पहले छह सौ मिलीमीटर व्यास से 1800 मिलीमीटर में व्यास तक मोटी लाइन डाली गई थी। दूसरी ओर सपा पार्षद दल नेता राजेश अग्रवाल ने नगर आयुक्त को पत्र देकर शिकायत की। बोला, दस इंच की लाइन 12 लाख लोगों को सहूलियत नहीं दे पाएगी। इस पर महापौर ने जल निगम के अधिकारियों को बुलाकर उनसे जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ट्रंक लाइन 250 मिमी व्यास से 1600 मिमी व्यास तक मोटाई की डाली जानी है। यह सेंट्रल जोन की आबादी के लिए पर्याप्त है। इस पर महापौर ने उनसे लिखित में मांगा कि इससे भविष्य में कोई दिक्कत नहीं आएगी। महापौर ने बाहरी एजेंसियों से पुनरीक्षण करवाने के निर्देश दिए।

जल निगम के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई है। उनसे लिखित में मांगा है कि बिछाई जा रही लाइन से लोगों को दिक्कत नहीं आए। इसकी जांच बाहरी एजेंसी से भी करवाई जाएगी। - डॉ. उमेश गौतम, महापौर

शहर के सेंट्रल जोन में ट्रंक सीवर लाइन बिछानी शुरू की है। उसके हिसाब से लाइन की मोटाई ठीक है। शुरुआत में ढाई सौ मिमी की लाइन पड़ रही है, जो आगे 1600 मिमी व्यास तक होगी। - संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम

Posted By: Abhishek Pandey

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