बरेली, जेएनएन: घटते संक्रमण के बीच प्रशासन ने सोमवार से रेस्टोरेंट, होटल, मॉल आदि को आधी क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी। बाजार भी शाम सात की जगह नौ बजे तक खोलने की छूट दी गई। इसके चलते ही सोमवार को शाम की रौनक में बाजार चमक उठे।

शहर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भीड़ देख जहां दुकानदार संतुष्ट दिखे, वहीं लोगों की लापरवाही देख चेहरे पर चिंता की लकीरें भी दिखीं। शारीरिक दूरी तो सुबह से ही तार-तार होती रही, रात होते-होते कई चेहरे बिना मास्क के भी नजर आए। यह लापरवाही कतई ठीक नहीं। संक्रमण कम हुआ है, लेकिन खत्म नहीं। प्रशासन ने छूट के साथ साफ निर्देश भी दिए थे कि अगर संक्रमितों का आंकड़ा 500 से पार पहुंचा तो फिर क‌र्फ्यू लगा दिया जाएगा। पूरा शहर जाम, डेलापीर मंडी के बाहर वाहनों का रेला

चौकी चौराहा से पटेल चौक के बीच दोपहर 12 से दो बजे तक जाम की स्थिति बार-बार बनती रही। बटलर प्लाजा के बाहर सड़क पर गाड़ियां खड़ी होने की वजह से बार-बार जाम लग रहा था। वहीं पटेल चौक पर सीवर लाइन का कार्य अधूरा होने के चलते एक तरफ का रास्ता बंद है। यहां भी कई बार जाम की स्थिति बनी। सबसे ज्यादा खराब स्थित शहर के नावेल्टी चौराहा से लेकर कोहाड़ापीर तक के बाजार की थी। यहां बड़े वाहनों के आते ही रास्ता बंद हो जाता। इससे पीछे वाहनों की कतार लग जाती। डेलापीर मंडी के बाहर सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच कई बार वाहनों की लंबी कतारें लगीं। रेस्टोरेंट में भी गाइडलाइन तार-तार

सोमवार को रेस्टोरेंट और होटल में 50 फीसद ग्राहकों को बैठाकर खिलाने की छूट दी गई थी। कुर्सियों के बीच में जगह छोड़ने के लिए कहा गया था, लेकिन यहां नियमों का पालन होता नहीं मिला। देर शाम स्ट्रीट फूड की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही, जबकि यहां खड़े होकर खाने पीने की अनुमति नहीं थी। लंच टाइम में रेस्टोरेंट्स में भी काफी भीड़ रही। मॉल में खरीदारी को पहुंचे लोग

सोमवार को शहर के अलग-अलग मार्ट और मॉल में लोगों ने खूब खरीदारी की। फीनिक्स मॉल में बाहर चेकिग के दौरान सैनिटाइजर से हाथ साफ कराए जा रहे थे। मास्क पहनने को भी कहा जा रहा था। शहर के अन्य मार्ट में भी यह व्यवस्था थी, लेकिन अंदर जाने के बाद लोग इसका खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे। वर्जन

सोमवार से छूट मिलने के बाद मॉल और मार्ट में बड़ी संख्या में खरीदारों का आना शुरू हो गया है। सोमवार को काफी भीड़ रही। कोविड मानकों का पालन भी कराया गया।

- शहरोज, मार्ट मैनेजर

Edited By: Jagran