बदायूं, जागरण संवाददाता। मूसाझाग के तिगुलापुर में अप्रैल 2021 में शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इस मामले के मुख्य आरोपित यशपाल पटेल और उसके गिरोह में शामिल सभी लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इसी के चलते डीएम के आदेश के बाद शुक्रवार को थाना सिविल लाइंस पुलिस ने यशपाल पटेल की शहर में स्थित 9.17 लाख रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की। इसमें 6.17 लाख रुपये का एक प्लाट और तीन लाख की एक कार शामिल है।

अप्रैल 2021 में जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव तिगुलापुर में देशी शराब पीने से मुन्नालाल, संजय मौर्य, प्रेमदास समेत कई लोगों की मौत हो गई थी। जबकि अमर सिंह की आंखों की रोशनी चली गई थी। इस मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की थी। उस समय पंचायत चुनाव के चलते गांव में कई दावेदारों द्वारा लोगों को शराब पिलाई जा रही थी। इसके चलते पुलिस ने दावेदार सत्यभान, उसके भाई बृजभान, रामस्वरूप, रामकिशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह गांव के ही देशी शराब ठेके से शराब लेकर आए थे। ठेके की चेकिंग करने पर सामने आया कि जिस क्यूआर कोड से शराब बिक रही थी, वह शहर की पुरानी चुगी पर स्थित है। यहां से पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली क्यूआर कोड, सील समेत अवैध जहरीली शराब बरामद की थी। पुलिस इस मामले में ठेके अनुज्ञापी समेत उसके बेटे और शराब माफिया यशपाल पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अनुज्ञापी की जेल में मौत हो गई।

वहीं यशपाल पटेल समेत उसके गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। उसके खिलाफ कुंवरगांव, मूसाझाग, कोतवाली और सिविल लाइंस थाने में आबकारी अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। गैंगस्टर होने के चलते उसकी संपत्ति की जांच की गई। जिसमें पाया गया कि उसने अवैध धन अर्जित कर शहर के नवादा क्षेत्र में पक्का ताल के पास गाटा संख्या 497 में एक प्लाट और एक वैगनआर कार खरीदी है। इस संपत्ति को जब्त करने के लिए फाइल डीएम दीपा रंजन के पास भेजी गई थी। उनका आदेश मिलने पर शुक्रवार को नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना, सीओ सिटी आलोक मिश्रा, सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रप्रकाश शुक्ला की मौजूदगी में प्लाट और कार को जब्त कर लिया गया। जिसकी अनुमानित कीमत कुल 9.17 लाख बताई गई है।

सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि शराब माफिया यशपाल पटेल के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इसी के चलते डीएम के आदेश पर धारा 14(1) उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत गैंगस्टर की कुल 9.17 लाख रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। 

Edited By: Vivek Bajpai