जागरण संवाददाता, बरेली: राजू हत्याकांड में दो सगे भाइयों समेत तीन दोषियों को शुक्रवार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उनपर 4.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उम्रकैद की सजा सुन तीनों दोषी रो पड़े।

घटना 26 मार्च 2013 की है। राजू यादव सिकलापुर अपनी ससुराल होली मिलने आया था। हत्यारों ने धीमरों की पुलिया पर घेरकर उसपर चाकू के कई वार कर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम के दौरान राजू के शरीर पर चाकू के 10 घाव मिले थे। उसका भाई बाबूराम बचाने पहुंचा तो हत्यारों ने उसे भी जख्मी कर दिया था। मेडिकल रिपोर्ट में घायल के शरीर पर सात चोटों की पुष्टि हुई थी। अस्पताल पहुंचते ही डाक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया था। मृतक के सगे भाई यशपाल यादव ने अमर कश्यप व लक्ष्मण कश्यप, भूरा व दीपू के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तफ्तीश में लक्ष्मण कश्यप का नाम निकाल दिया गया। वारदात से ढाई साल पहले राजू यादव ने कश्यप बिरादरी की रोजी से अंतरजातीय विवाह कर लिया था। इससे आरोपित रंजिश मानने लगे थे। राजू यादव के ऊपर आरोपितों ने पूर्व में भी हमला किया था, जिसकी रिपोर्ट दर्ज थी। सरकारी वकील महेश यादव ने कोर्ट में 15 गवाह पेश किए। अपर सेशन जज-10 शिव कुमार ने अमर कश्यप, भूरा व दीपू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 4.5 लाख रुपये का जुर्माना भी कोर्ट ने डाला है। अमर कश्यप के कब्जे से पुलिस ने चाकू बरामद किया था। उसको पांच हजार रुपये जुर्माना अलग से भुगतना होगा।

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हैवानियत के बाद की थी मासूम की हत्या, दोषी को उम्रकैद

- गड्ढा खोदकर शव को खेत में कर दिया था दफन, अलग मिली थी गर्दन

- सजा सुनते ही दोषी बेटे की मां रोई- पुलिस पर झूठा फंसाने का लगाया आरोप

जासं, बरेली: कुकर्म और दुष्कर्म के बाद आठ साल की मासूम की हत्या कर दी गई थी। मामले में शुक्रवार को स्पेशल जज पाक्सो कोर्ट रामदयाल ने दोषी प्रवेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे 3.55 लाख रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता के परिवार को मिलेगी।

घटना बिथरीचैनपुर के एक गांव की है। वादी की आठ साल की बेटी गांव के सरकारी स्कूल से पढ़कर घर लौटी। खाना खाकर खेलने चली गई। शाम तक नहीं लौटी तो स्वजन ने काफी तलाश किया। अगले दिन दोपहर गांव के पास ही गन्ने के खेत में उसकी गर्दन कटी लाश गड्ढे में दबी मिली। गांव वालों ने प्रवेश कुमार को बच्ची के साथ खेत की तरफ जाते देखा था। बच्ची की तलाश के दौरान आरोपित गांव से भाग गया। पुलिस ने अगले दिन उसे गिरफ्तार करके वारदात में इस्तेमाल किया गया छूरा व फावड़ा बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म व कुकर्म की भी पुष्टि की। सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने कोर्ट में 15 गवाह पेश किए। स्पेशल कोर्ट ने दोषी को चार अलग-अलग धाराओं में चार बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। हालांकि, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मुजरिम को 3.55 लाख रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। पकड़े जाने के बाद दोषी को आखिर तक जमानत नहीं मिली थी। मामले में फैसला होने की जानकारी पर दोषी की मां भी बेटे से मुलाकात करने पहुंची। सजा सुनते ही वह रो पड़ी। कहा कि पुलिस ने बेटे को झूठा फंसा दिया था।

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दुष्कर्म के दोषी को दस साल की सजा

जासं, बरेली: किशोरी के साथ दुष्कर्म के साल साल पुराने मामले में स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सरकारी वकील दिगंबर पटेल ने बताया कि वारदात पांच मई 2017 की है। वादी की 12 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। पड़ोस का लड़का मोनू बेटी को अकेली पाकर घर में घुस आया और बहाने से बुलाकर ले गया। पड़ोस की झाड़ियों में उसके साथ दुष्कर्म किया। स्पेशल जज पाक्सो कोर्ट-प्रथम सुरेश कुमार गुप्ता ने दोषी मोनू को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 20 हजार जुर्माना भी भुगतना होगा। इसमें से आधी रकम पीड़िता को बतौर मुआवजा मिलेगी।

Edited By: Jagran