बरेली, जेएनएन। रात भर की कवायद के बाद बच्ची का अधखाया शव गन्ने के खेत में मिल गया। दुकान पर सामान लेने गई बच्ची को शिकार बनाने वाले तेंदुए की तलाश जारी है। बच्ची के शव मिलने के बाद से परिजनों में जहां कोहराम मचा हुआ है। वहीं ग्रामीण भी इस घटना के बाद से सकते में है। वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा परिवार को भुगतना पड़ा। बहेड़ी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से घूम रहे तेंदुआ की जानकारी ग्रामीणों द्वारा विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद अगर अफसर चेत जाते तो शायद उपासना की जान बच जाती।

छंगाटांडा के गांव गुजिया में घर से खाने का सामान लेने दुकान गई उपासना को तेंदुआ जंगल की ओर उठाकर ले गया। ग्रामीणों ने जंगल को घेर बच्ची की तलाश शुरू की। लेकिन वन विभाग के रेंजर का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। ग्रामीणों के मुताबिक विभाग की टीम सूचना के दो घंटे बाद पहुंची। सभी को मौके से केवल बच्ची के खून के निशान ही मिले थे। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से ऊपर एक तेंदुआ घूम रहा है। जिसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की।

जबकि कुछ दिन पहले ही तेंदुआ ने सुकटईया गांव में पवन शर्मा के सुअर के बाड़े में तेंदुआ ने घुसकर तीन सुअर के बच्चों को अपना शिकार बनाया था। बावजूद इसके वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।ट्रैक्टर लगा तेंदुआ का किया घेराव एसडीएम बहेड़ी रमेश चंद्र, सीओ बहेड़ी रामानंद राय समेत शीशगढ़ इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी रेंजर रविंद्र सक्सेना  

छंगाटाडा के गांव गुजिया में बब्लू की सात वर्षीय बच्ची उपासना को तेंदुआ शाम 7.30 बजे उठाकर ले गया था। बच्ची को तेंदुआ से बचाने के लिए ग्रामीण देर शाम से रात 10 बजे तक वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के लिए फोन करते रहें। क्षेत्रीय रेंजर रविंद्र सक्सेना का मोबाइल स्विच ऑफ होने पर अन्य अधिकारियों व प्रभागीय वन अधिकारी भारत लाल को भी फोन किया, लेकिन किसी भी अधिकारी का फोन नहीं उठा।

डायल 112 पर सूचना के आधा घंटा बाद शीशगढ़ थाने के फोर्स के साथ ही बहेड़ी उप जिलाधिकारी व सीओ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम के फोन करने पर 10.50 के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

ग्रामीणों ने जंगल का किया घेराव

बच्ची को तेंदुआ उठा ले जाने की जानकारी आस-पास के गांव में भी हो गई। देर रात में ही ग्रामीणों ने ट्रैक्टर लगाकर जिस जंगल की ओर तेंदुआ बच्ची को लेकर गया था, उसका घेराव कर लिया। मय लाठी डंडा व लाइसेंसी बंदूकों के ग्रामीण बच्ची को बचाने के लिए पुलिस के साथ लगे रहे। खबर लिखे जाने तक बच्ची की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। जबकि तेंदुआ पास के गांव राठ के जंगल में देखा गया।

कुछ दिन पहले सुअर के बच्चों को बनाया था निशाना

ग्रामीण राजकुमार ने बताया कि अभी एक सप्ताह के अंदर ही पास के सकुटईया गांव में तेंदुआ ने पवन शर्मा के सुअर बाड़े में घुसकर तीन सुअर के बच्चों को अपना निवाला बनाया था। जिसकी जानकारी वन विभाग को दी गई थी। जानकारी देने के बाद पहुंची वन विभाग की टीम खानापूर्ति करके वापस लौट गई।

पहले हो जाते सजग तो न होता हादसा

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से तेंदुआ विचरण कर रहा था। जिसकी जानकारी दिए जाने के बाद भी उस पर ध्यान नहीं दिया गया। वन विभाग की लापरवाही के चलते सोमवार देर शाम यह हादसा हो गया।देर रात तक नहीं मिली बच्ची 7.30 बजे तेंदुआ बच्ची को गांव से उठाकर ले गया था। जिसकी जानकारी के बाद ग्रामीण बच्ची की तलाश में लगे रहे। रात 11 बजे तक घटनास्थल से लेकर जंगल तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। जबकि तेंदुआ की कई बार लोकेशन ग्रामीणों को मिलती रही।

 

 

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