बरेली, जागरण संवाददाता। Raid in in search of cyber thugs:  धंतिया गांव के साइबर ठगों ने इस बार कुरुक्षेत्र के एक व्यापारी को अपना निशाना बनाया। उसके खाते से 1.5 लाख की रकम उड़ा दी। पूरे मामले में साइबर ठग जमशेद समेत छह आरोपितों के विरुद्ध साइबर क्राइम थाना कुरुक्षेत्र में प्राथमिकी लिखी गई है। दो आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। उनकी निशानदेही पर जब कुरुक्षेत्र पुलिस धंतिया गांव में छापा मारने पहुंची तो वहां से सभी आरोपित फरार हो गए। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है।

कुरुक्षेत्र के रहने वाले व्यापारी वीरेंद्र सिंघल ने प्राथमिकी में बताया है कि उनकी कुरुक्षेत्र में ही वीपीएस एग्रो एंड आटो प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्म है। 28 सितंबर को उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने उन्हें अपना दोस्त बताया। कहा कि डेढ़ लाख रुपए की रकम पीएनबी वाले खाते में ट्रांसफर कर दें। व्यापारी ने ठगों द्वारा दिए गए खाते में डेढ़ लाख रुपए की रकम ट्रांसफर कर दी। उसके अगले दिन दोबारा ठगों ने व्यापारी को अपने जाल में फंसाया।

केनरा बैंक के खाते में दो लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। व्यापारी को शक हुआ तो उसने दोस्त से संपर्क किया। दोस्त ने रकम के लेन-देन से इन्कार किया। इस पर व्यापारी को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। शिकायती पत्र के आधार पर कुरुक्षेत्र साइबर क्राइम थाने में धंतिया के रहने वाले मोहम्मद सईद खान व अंबाला के रहने वाले हर्ष कुमार के विरुद्ध धोखाधड़ी व आइटी एक्ट में प्राथमिकी पंजीकृत कराई गई।

पूछताछ में खुला सरगना का नाम

साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपित मोहम्मद सईद खान को रिमांड पर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि धंतिया का रहने वाला जमशेद उनका आका है। उसी के कहने पर पूरी टीम काम करती है। पूछताछ में मोहम्मद सईद ने साइबर ठग जमशेद खान, रफीक खान, मुर्शिद खान, रेहान खान का नाम स्वीकारा।

प्राथमिकी में सभी आरोपितों के नाम शामिल

सभी धंतिया गांव के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने सभी नामों को प्राथमिकी में शामिल किया है। आरोपित ने पुलिस को बताया है कि वह रोज लाखों रुपए की धोखाधड़ी करते हैं जिसमें सभी की हिस्सेदारी होती है। आरोपितों के पास से कई बैंकों की चेक बुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, नगदी मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

एक अक्टूबर को टीम ने मारा था छापा

कुरुक्षेत्र की साइबर अपराध शाखा ने एक अक्टूबर को धंतिया गांव में छापा मारा था। छापे की भनक लगते ही जमशेद समेत उसके अन्य साथी वहां से फरार हो गए। कुरुक्षेत्र पुलिस करीब दो दिन से अधिक गांव में रुकी। आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन ,उनके हाथ कोई भी ठग नहीं लगा। पुलिस अपने साथ पकड़े गए दोनों आरोपितों को लेकर आई थी।

परसाखेड़ा में भी पकड़े जा चुके हैं ठग

बीते 28 सितंबर को परसाखेड़ा रोड नंबर पांच के पास से धंतिया निवासी साइबर ठग शाहरुख व राहिल पकड़े गए थे जबकि उनका साथ ही मोबीन भागने में सफल रहा था। पूछताछ में शाहरुख ने पुलिस को जमशेद, आरिफ उर्फ वीआईपी, अफसार, मुस्तफा, राशिद, मोहसिन, वारिस खां समेत अन्य नाम बताए थे। यह सभी साइबर ठगी के मामले में संलिप्त है। कुरुक्षेत्र कनेक्शन निकलने के बाद अब बरेली पुलिस ने ठगों के मामले में जांच तेज कर दी है।

क्‍या बोले अधिकारी

एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपितों की तलाश में टीमें लगीं हैं। सभी के विरुद्ध जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Vivek Bajpai

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