अभिषेक पांडेय, बरेली : शादी हो या बर्थडे पार्टी सभी में शानो-शौकत दिखाने लिए गाड़ी, रुपये, जेवर के साथ ही अब असलहा का शौक भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। नतीजा यह है कि असलहों से लैस रहने वालों को शादी से लेकर छोटे-छोटे समारोह में सबसे पहले पूछा जाता है। जिसके बाद हालात यह होते है कि खुशी के माहौल में हर्ष फायरिंग की जाती है। अगर सामने कोई दूसरी पार्टी हो तो कंपटीशन भी होने में देर नहीं लगती। जरा सी चूक से खुशी का माहौल गम में तब्दील हो जाता है। पुलिस ने हर्ष फायरिंग को लेकर सख्ती की लेकिन बावजूद इस पर लगाम नहीं लग पा रही है। वो भी तब जब अब तक कई लोगों की जान हर्ष फायरिंग की भेंट चढ़ चुकी है। 

ये है दिशा निर्देश

हर्ष फायरिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बरातघर मालिकों को अपने-अपने बरातघर में हर्ष फायरिंग पर पूर्णतया बंद करने का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। बोर्ड के साथ ही हर्ष फायरिंग की निगरानी के लिए कर्मचारियों को भी नजर रखने के लिए कहा जाता है। हर्ष फायरिंग करने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश हैं। बावजूद इसके यह सब सिर्फ निर्देश तक सीमित है। आज भी बरातघरों से पार्टी के दौरान गोलियों की आवाज सुनाई पड़ती है।

यह कहता है कानून

शादी और दूसरे मौकों पर हर्ष फायरिंग करने वाले दोषियों के लिए 2 साल की सजा और 1 लाख तक का जुर्माने का प्रस्ताव दिया गया है। आर्म्स एक्ट 1959 में बदलाव कर हर्ष फायरिंग के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा सकती है। सार्वजनिक समारोह, धार्मिक स्थल, शादी की पार्टियों और दूसरे मौकों पर हर्ष फायरिंग करने पर सख्त सजा का प्रावधान है।

Firing करने वाला ही जिम्मेदार 

अधिकारियों की मानें तो हर्ष फायरिंग जिसने की वहीं जिम्मेदार है। अगर असलहा लाइसेंसी है तो लाइसेंस धारक पर भी मुकदमा होगा। बरातघर में अगर घटना होगी तो बरातघर मालिक भी हर्ष फायरिंग के लिए तब जिम्मेदार है जबतक वह पुलिस को सूचना न दे। उसकी तरफ से शिकायत पर पुलिस खुद कार्रवाई करती है।

दर्ज होता है Arms Act का मुकदमा 

हर्ष फायरिंग लाइसेंसी असलहे से हुई तो मुकदमा दर्ज होने पर लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र लिखा जाता है। अवैध असलहा होने पर अलग से आर्म्स एक्ट का भी मुकदमा दर्ज होता है।

शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में घटनाएं 

पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में तो कुछ हद तक पुलिस के कारण हर्ष फायरिंग पर लगाम है, लेकिन देहात का क्षेत्र बड़ा होने के कारण वहां लगाम नहीं लग सकी। आज भी देहात की बरात हो या फिर बर्थडे पार्टी हर्ष फायरिंग होना तय है। सबसे अधिक घटनाएं भी देहात क्षेत्र में हुई है।

बर्थ डे पार्टी में अपना दल नेता की मौत

29 जनवरी 2018 को इज्ज्तनगर के गांव समुआ में जन्मदिन पार्टी में शामिल होने आए भुता के बहरामपुर निवासी अपना दल के नेता चंद्रपाल पटेल की डांस करते समय हर्ष फायरिंग से लगी गोली से मौत। इस प्रकरण में दर्ज हुआ था मुकदमा।

फरीदपुर में रोका तो सीने में उतार दी गोली

नौ मई को फरीदपुर के चौडेरा गांव निवासी नेत्रपाल की भतीजी की शादी थी। भमोरा से बरात आई तो शादी में शामिल होने के लिए देउचरी बिलसंडी निवासी हिस्ट्रीशीटर राजेश यादव पहुंचा। डीजे पर डांस के दौरान तमंचे से हर्ष फायरिंग करने लगा। नेत्रपाल ने मना किया तो सीने में गोली उतार दी।

बरात में हर्ष फायरिंग, घड़ी व्यापारी की मौत

24 जून 2019 को बरादरी के आशा बरातघर के पास बरात में शामिल दुल्हन के जीजा चांद खां ने की तमंचे से हर्ष फायरिंग। गली में खड़े घड़ी व्यापारी इनाम अली के सीने में गोली लगने से मौत।

शादी में फायरिंग, छत पर खड़े युवक की मौत

क्योलड़िया के परसरामपुर के भूरे उर्फ एजाज अहमद की बेटी फरीन बी की शादी रेहान नाम के युवक ने तमंचे से की हर्ष फायरिंग। छत पर खड़े सलीम 20 की गोली लगने से मौत।

जो भी हर्ष फायरिंग करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा। इसी के साथ ही लाइसेंसी असलहा का निरस्तीकरण भी किया जाएगा। -शैलेश पाण्डेय, एसएसपी

लोगों को किसी भी हाल में हर्ष फायरिंग नहीं करनी चाहिए। खुशी मनाने के लिए कई तरीके हैं, आतिशबाजी जो खतरनाक नहीं हो उसका प्रयोग भी किया जा सकता है। -राकेश कुमार, छात्र

मैरिज हॉल में हर्ष फायरिंग नहीं करने देते। कस्टमर से बुकिंग के दौरान ही लिखवा लेते हैं कि हर्ष फायरिंग करने पर जुर्माना लगेगा।-मोहम्मद तंजीम, प्रबंधक फाहम लान

Posted By: Abhishek Pandey

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