बरेली, जेएनएन। Farmers movement affected railway : लोकसभा का शीतकालीन सत्र शुरु होने वाला है। जिसमें सांसदों के जवाब देने के लिए रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। किसान आंदोलन के कारण मुरादाबाद मंडल में एक करोड़ से अधिक रुपये यात्रियों को वापस किए गए हैं। हालांकि मंडल में कहीं भी ट्रेन रोकने की घटना नहीं हुई। लोकसभा का शीतकालीन सत्र में जहां केंद्र सरकार कृषि कानून को वापस लाने का प्रस्ताव रखने जा रही है। इसके साथ ही सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष के पास जानकारी के लिए सवाल भेजना शुरू कर दिया है।

कई सांसदों ने जनना चाहा है कि किसान आंदोलन से कई दिनों तक कई स्थानों पर ट्रेनों का संचालन बंद रखा गया था। इस कारण कितनी ट्रेनों का संचालन बंद रहा, यात्रियों को कितने रुपये के टिकट वापस किये गए। इस सवाल का जवाब रेलवे को तैयार करना है। रेल प्रशासन ने देशभर के सभी मंडल को पत्र भेजा है और नौ अगस्त 2020 से शुरू किसान आंदोलन से उसके क्षेत्र में रेल मार्ग बंद करने, यात्रियों को किराया वापस करने की जानकारी मांगी है। मुरादाबाद मंडल के वाणिज्य, परिचालन व सुरक्षा विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।

किसान आंदोलन के दौरान मुरादाबाद रेल मंडल में रेल नहीं रोकी गई थी। मुरादाबाद से होकर पंजाब जाने वाली अधिकांश ट्रेनों को सहारनपुर से आगे तक चलाया गया था। कुछ ट्रेनों को दिल्ली होकर चलाया गया था। मुरादाबाद से चलने वाली ट्रेनों को निरस्त नहीं किया गया था। पंजाब की ओर जाने वाली ट्रेनों के यात्रियों ने टिकट वापस कराए थे। किसान आंदोलन के कारण मुरादाबाद रेल मंडल में एक करोड़ रुपये के टिकट वापस किये गए हैं। देश भर के मंडल से पहुंचने वाली सूचनाओं को रेल मंत्रालय एकत्रित कर जवाब के लिए रिपोर्ट तैयार करेगा। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन से संबंधित मांगी गई सूचना वाणिज्य विभाग ने उपलब्ध करा दी हैं।

Edited By: Samanvay Pandey