बरेली, जेएनएन : कोरोना से जंग में खानकाह नियाजिया ने अच्छी पहल की है। पीएम मोदी के आह्वान पर आगे आकर 10 लाख की रकम दी है। इसका चेक खानकाह पहुंचे केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार को सौंपा।

खानकाह नियाजिया के सज्जादानशीन शाह मुहम्मद हसनैन मियां ने पीएम राहत कोष में चेक देने के साथ दुआएं भी दीं। खानकाह के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी और नायब सज्जादानशीन मेंहदी मियां भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री इससे पहले प्रधानमंत्री का संदेश लेकर दरगाह आला हजरत भी पहुंचे। मौलाना तौसीफ रजा खां, मौलाना तौकीर रजा खां, मौलाना तसलीम रजा खां और अंजुम मियां से मुलाकात की। इसके बाद तुलसीमठ जाकर महंत कमल नयनदास से मिले। चौकी चौराहा के गुरुद्वारा में ज्ञानी काला सिंह से बात की। बिशप हाउस भी गए।

कोरोना पीड़ितों की शिक्षक करेंगे आर्थिक मदद

कोरोना वायरस की वजह से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जहीर अहमद ने बताया कि संक्रमित लोगों की मदद के लिए रूहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अनिल शुक्ला, कुलसचिव डॉ.सुनीता पांडेय, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ.राजेश प्रकाश समेत बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एक दिन का वेतन देने का फैसला किया है। जमा रकम मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजी जाएगी। कोरोना महामारी से निपटने के लिए बरेली कॉलेज के शिक्षकों ने भी दो से 10 हजार रुपये तक देने का निर्णय लिया है। शनिवार तक इस फंड के लिए शिक्षक संघ के खाते में शिक्षकों ने करीब दो लाख रुपये भी जमा हो गए। शिक्षक डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि कॉलेज में करीब 132 शिक्षक हैं। इनमें से कई लोगों ने ऑनलाइन के माध्यम से पैसा खाते में भेज दिया है। दो से तीन दिन में बाकी शिक्षकों का भी पैसा आने के बाद इसे राहत कोष में एक साथ भेजा जाएगा।

जब भी देश पर कोई आपदा आई है, लोगों की जीवनरक्षा के लिए इंसानियत आगे आई है। इस बार भी सरकारी कर्मचारी हों या धार्मिक संस्थाएं, सब आगे आ रहे हैं और कोरोना पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद की पेशकश की है।

लोनिवि डिप्लोमा इंजीनियर्स देंगे एक दिन का वेतन

प्रदेश भर के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने देश में आई आपदा की इस घड़ी में अपना एक दिन का वेतन कोरोना राहत कोष में देने की घोषणा की है। डिप्लोमा इंजीनियर संघ लोक निर्माण विभाग के क्षेत्रीय महामंत्री एचएन मिश्र ने बताया कि यह निर्णय संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर हरि किशोर तिवारी ने लिया है।

तीन माह तक स्टेशन मास्टर एक दिन का देंगे वेतन

21 दिनों के लिए किए गए लॉकडाउन से निचले तबके के लोगों के लिए आजीविका का संकट आ खड़ा हुआ है। ऐसे में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अपना एक दिन का वेतन अगले तीन माह तक प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करने का फैसला लिया है। जंक्शन के स्टेशन मास्टर अंकुर शर्मा ने बताया कि देश में 39 हजार स्टेशन मास्टर्स हैं। जो तीन माह तक अपना एक दिन का वेतन देंगे। बरेली जंक्शन में कार्यरत 16 स्टेशन मास्टर, दो यार्ड मास्टर, एक स्टेशन अधीक्षक अपने एक दिन का तीन माह तक वेतन पीएम राहत कोष में जमा करेंगे।

एक दिन का वेतन देंगे

कोरोना महामारी से निपटने के लिए रेलवे के कर्मचारी अपने वेतन से एक दिन का वेतन पीएम राहत कोष में देंगे। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने सभी से इस कार्य में अपनी सहभागिता करने की अपील की है। कोरोना से निपटने के लिए चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को 50 लाख का स्वास्थ्य बीमा प्रधानमंत्री द्वारा देने की सभी ने सराहना की। साथ ही यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष ने सात हजार मालगाड़ी के संचालन में लगे रेलवे कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है।

मदद को वैज्ञानिक ने दी अपनी जमा पूंजी

शहर के राजेंद्र नगर में रहने वाले ज्ञानेंद्र गुप्ता आइवीआरआइ हार्टीकल्चर से रिटायर्ड वैज्ञानिक हैं। उन्होंने वायरस पीड़ितों के लिए अपनी एक लाख 51 हजार की जमा पूंजी और एक महीने की पेंशन 66 हजार 600 रुपये दी है। उनका कहना है कि उनके पास एक महीने का खाने के लिए हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिनके पास एक दिन का भी नहीं है। ऐसे लोगों के साथ वायरस पीड़ितों की मदद की जानी चाहिए।

 

Posted By: Ravi Mishra

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