बरेली, जेएनएन। पिछले साल लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्याकर  आरोपित मोहसिन, रशीद व अहमद बरेली आ गए थे। यहां कैफी, कामरान व नवेद ने रहने-खाने का इंतजाम किया था। ये तीनों जेल गए मगर जमानत पर छूट आए। इन पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की गई थी। उसी मुकदमे में दो दिन पहले लखनऊ पुलिस कामरान को गिरफ्तार कर ले गई थी, जबकि नवेद फरार हो गया था। वह इस वक्त कहां हैं, मलूकपुर मुहल्ले में उसकी क्या गतिविधियां हैं, इसकी जानकारी के लिए स्थानीय खुफिया टीमों व किला थाना पुलिस को लगाया गया है।

लखनऊ के थाना नाका के गैंगस्टर के आरोपित नवेद, कामरान और कैफी की जमानत का समय खत्म हो गया था। इसके चलते लखनऊ पुलिस ने पहले से ही जाल बिछाकर तीनों की गिरफ्तारी का प्रयास किया, जिसमें वह सफल रही थी। नवेद को भनक लगने के चलते वह मौका पाकर फरार हो गया, जबकि कामरान और कैंफी को पुलिस लखनऊ ले गई थी। इसके बाद कैफी के स्वजन लखनऊ पहुंचे और उन्होंने दिखाया कि उनके पास गिरफ्तारी का स्टे हैं। इस पर लखनऊ पुलिस सकते में आ गई और कैफी को छोड़ दिया गया। इसके बाद कैफी सोमवार देर रात बरेली पुहंचे।

वहीं फरार चल रहे नवेद की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस की एक टीम अभी भी बरेली में बताई जा रही है। हालांकि जिला पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। लेकिन अंदरखाने किला पुलिस और जिले की खुफिया विभाग की टीमें नवेद की तलाश में जुटी हैं। इसके चलते हर संदिग्ध स्थान, रिश्तेदारी पर दबिश दी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि नवेद भी कोर्ट से स्टे न ले आए। इसके चलते उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। 

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