जेएनएन, बरेली : बरेली कॉलेज में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच कर रही कमिश्नर की ओर से गठित जांच समिति 16 अक्टूबर को दोबारा कॉलेज जाएगी। विभिन्न विभागों और समितियों से जुड़ी शिकायतों के बारे में पूछताछ भी करेगी। शनिवार को कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने कॉलेज के छात्र कल्याण अधिष्ठाता, प्रभारी स्थापना अनुभाग, कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक, प्रभारी लेखा अनुभाग, परीक्षा अधीक्षक, सहायक लेखाधिकारी को पत्र जारी कर जांच के दिन उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सूत्रों के मुताबिक कॉलेज में स्पो‌र्ट्स के नाम पर खर्च किए गए 25 लाख रुपये की जांच में भी कुछ अनियमितताएं सामने आ रही हैं। दरअसल कॉलेज में वित्तीय अनियमितता की शिकायत कमिश्नर से हुई थी। कमिश्नर की ओर से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में शिकायतों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। गत दिनों समिति ने कॉलेज जाकर वित्तीय लेनदेन से जुड़े से दस्तावेज जब्त किए थे। इनकी पड़ताल की जा रही है। अब तक की जांच में प्राइवेट फॉर्म फारवर्डिग शुल्क, स्पो‌र्ट्स मद में खर्च में कुछ घालमेल सामने आ रहा है। हालांकि समिति ने जांच के मामले में कुछ भी बोलने से साफ इन्कार किया है। दरअसल, 23 अक्टूबर को कमिश्नर की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ कंट्रोल की बैठक में यह जांच रिपोर्ट पेश की जानी है। स्कूल न आने वाले बच्चों को पढ़ाने की मुहिम बरेली : विद्यालय में प्रवेश न लेने वाले बच्चों को पढ़ाने की मुहिम शुरू होगी। इसकी जिम्मेदारी सेवानिवृत्त शिक्षकों को मिली है। उन्हें 25 सौ से पांच हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। शनिवार को जसौली के विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। दरअसल जो बच्चे स्कूल नहीं आ पाते हैं, उन्हें पहले छह महीने का बृज कोर्स कराया जाएगा। इसके बाद इन्हें परीक्षा में शामिल किया जाएगा। शिक्षक विद्यार्थियों से एक अनोखा नाता जोड़ेंगे ताकि बच्चों में पढ़ने की ललक पैदा हो। समापन पर वित्त एवं लेखाधिकारी पृथ्वीराज सिंह ने कहा कि यह सराहनीय मुहिम है। मगर इसमें शिद्दत से जुटना होगा।