बरेली, (अंकित शुक्ला)। International Driving License : विदेश में कार चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या बढ़ी है। जिले में 2016 से लेकर अब तक एक हजार से अधिक लोगों ने इसका लाइसेंस बनवाया है। जबकि दो माह में ही केवल डेढ़ सौ से अधिक लोगों ने आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या विदेश घूमने व पढ़ने जाने वाले हैं। बता दें कि इंटरनेशनल लाइसेंस कोई स्पेशल लाइसेंस नहीं होता है, सिर्फ कई भाषाओं में इसे ट्रांसलेट कर दिया जाता है।

इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस न केवल अधिकांश विदेश यात्रा करने वालों के काम आता है, बल्कि जो कभी-कभार विदेश जाते हैं, उन्हें भी इसका फायदा मिलता है। इस लाइसेंस के जरिए कई देशों में गाड़ी रेंट पर आसानी से उपलब्ध होने के साथ ही ड्राइविंग करने की भी अनुमति मिलती है। भारत के अलावा दुनिया के किसी भी कोने में कार, बाइक से लेकर पर्सनल इस्तेमाल के लिए कोई भी गाड़ी चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की डिमांड बढ़ी है। 2014 से पहले तक सालभर में एक या दो ही मामले आते थे। तीन साल में बदलाव देखने को मिला है। अब युवाओं ने उच्च अध्ययन, नौकरी, व्यापार व अन्य कारणों से विदेश जाने से पहले इस ओर रुझान बढ़ाया है। विभाग बदले में संबंधित देश का वीजा और पासपोर्ट की कापी रखता है।

एक से पांच दिन में बन जाता है इंटरनेशल डीएल : देश में वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो 90 दिन का इंतजार करना होता है। जबकि इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए एक से पांच दिन का ही इंतजार करना होगा। आरटीओ कमल गुप्ता ने बताया कि इंटरनेशल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भारतीय नागरिक होना और आपके पास भारत का वैलिड परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपने क्षेत्र के आरटीओ में लिखित में अप्लाई कर सकते हैं। इसमें उन देशों को उल्लिखित करना होगा। जहां आवेदक को जाना हो। अप्लाई करने के लिए फार्म 4ए भरना होगा। यह फार्म https://parivahan.gov.in/parivahan/en पर भी मौजूद है।

लड़कों के साथ लड़कियों का भी बढ़ा रुझान : सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन मनोज सिंह ने बताया कि इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लड़कों के साथ ही लड़कियों में भी इसका क्रेज है। हाल ही में अर्चना सक्सेना, अपूर्वा कुलश्रेष्ठ ने आवेदन किया था। जिन्हें लाइसेंस जारी किया जा चुका है।

15 देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस से चला सकते हैं वाहन

1- आस्ट्रेलिया: यहां वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अंग्रेजी भाषा में होना चाहिए और तीन महीने तक ड्राइविंग करने की अनुमति दी जाती है।

2- जर्मनी: यहां भी ड्राइविंग लाइसेंस अंग्रेजी में होना चाहिए। यहां पर छह महीने तक ड्राइविंग की अनुमति दी जाती है।

3- न्यूजीलैंड : यहां पर भारतीय लाइसेंस में एक साल तक वाहन चलाने की अनुमति दी जाती है।

4- ब्रिटेन: यहां भी एक साल तक भारतीय लाइसेंस में वाहन चलाने की अनुमति है।

5- स्विट्जरलैंड: अंग्रेजी भाषा में लाइसेंस होने के साथ ही एक साल तक वाहन चलाने की अनुमति व किराए पर वाहन उपलब्ध होते हैं।

6- यूनाइटेड स्टेट्स आफ अमेरिका: अंग्रेजी भाषा में लाइसेंस होने के साथ एक साल तक वाहन चलाने की अनुमति है।

7- दक्षिण अफ्रीका: लाइसेंस अंग्रेजी भाषा में होने के साथ ही उस पर फोटो और हस्ताक्षर होना चाहिए। एक साल वाहन चलाने की अनुमति है।

8- फ्रांस: एक साल तक के लिए ड्राइविंग की अनुमति देता है। लेकिन लाइसेंस फ्रांसीसी भाषा में भी अनुवादित होना चाहिए।

9- कनाडा: यहां पर दायीं तरफ ड्राइविंग करना होने के साथ ही अंग्रेजी भाषा में लाइसेंस होना अनिवार्य है।

10- सिंगापुर: इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस पर एक साल तक के लिए ड्राइविंग की अनुमति देती है।

11- भूटान: एक साल वाहन चलाने की अनुमति मिलती है।

12- फिनलैंड: इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस से एक साल तक के लिए ड्राइविंग की अनुमति मिलती है, लेकिन इसके लिए हेल्थ इंश्योरेंस होना अनिवार्य है।

13- मारिशस: इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस पर केवल एक दिन के लिए ड्राइविंग कर सकते हैं।

14- इटली: यहां वाहन चलाने के लिए लाइसेंस अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट के साथ होना चाहिए।

15- नार्वे: इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस से कुल तीन महीनों तक ड्राइविंग का मजा ले सकते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी :  आरटीओ कमल गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने काफी संख्या में इंटरनेशनल डीएल बनवाए हैं। सबसे ज्यादा लोगों ने घूमने के लिए और कुछ ने पढ़ाई के लिए इंटरनेशनल डीएल के लिए आवेदन किया है।

Edited By: Samanvay Pandey