जेएनएन, बरेली : इंडस्ट्रीयल ऑटोमेशन, मशीन लर्निग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने दुनियाभर में बड़े बदलाव लाने शुरू कर दिए हैं। समय के साथ जो इन चीजों से खुद को नहीं जोड़ेगा उसका रोजगार खतरे में पड़ेगा। इसलिए 2030 में भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में 60 फीसद आबादी को तकनीक में दक्ष होना पड़ेगा। जो लोग दक्ष होंगे वही रोजगार हासिल कर पाएंगे।

भविष्य की इस तस्वीर को मलेशिया की टेलर्स यूनिवर्सिटी के प्रो. डेविड असिर्वथाम ने छात्रों के सामने रखी। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में ‘एकेडमिक रिसर्च इन इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ विषय पर आयोजित 5वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस में प्रो. डेविड ने औद्योगिक क्रांति के बारे में बताया। दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रही है।

यह सदी पूरी तरह से ऑटोमेशन, साइबर सिक्युरिटी, रोबोट और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) का होगा। रोबोट और तकनीक के आने से नौकरियों का स्वरुप बदलेगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला ने दीप जलाकर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया।

कांफ्रेंस में वल्र्ड बैंक के टेक्निकल एक्सपर्ट और जर्मनी सरकार के प्रतिनिधि डॉ. डेनियल हॉन, आइएआरआइ पूसा, नई दिल्ली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्र, टिपलआइटी ग्वालियर के प्रो. केवी आर्या, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रो. सागर माजी, बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग बेंगलुरु के प्रो. एल रविकुमार, रुविवि के डीन प्रो. एसके पांडेय, कांफ्रेंस चेयरमैन डॉ. मनोज कुमार सिंह, कांफ्रेंस संयोजक डॉ. विनय ऋषिवाल आदि मौजूद रहे।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने आए वर्ल्ड बैंक के टेक्निकल विशेषज्ञ और जर्मनी सरकार के प्रतिनिधि डॉ. डेनियल हॉन ने ‘दैनिक जागरण’ से विशेष बातचीत की। बताया कि आने वाले दस सालों में रोबोटिक्स के क्षेत्र में भारत दुनिया का प्रतिनिधित्व करेगा। वर्ल्ड लीडर के तौर पर यह काम करेगा।

डॉ. डेनियल ने बताया कि दुनिया में सबसे तेजी से रोबोट की ओर बढ़ने वाला देश भारत है। एक साल में यहां दस हजार से अधिक रोबोट तैयार हो चुके हैं। जिसकी संख्या पहले तीन से चार हजार हुआ करती थी। हालांकि, अभी जर्मनी, जापान, यूएस जैसे देश हर साल बीस हजार से अधिक रोबोट तैयार करते हैं। उन्होंने आगे बताया कि अगर इसी तेजी से भारत आगे बढ़ेगा तो आने वाले सालों में यह दुनिया का सबसे तेज रोबोट तैयार करने वाला देश बन जाएगा।

कृषि, स्वास्थ्य व शिक्षा सभी क्षेत्रों में असर

डॉ. डेनियल ने इंडस्ट्रीयल ऑटोमेशन के बारे में जानकारी दी। बताया कि आने वाले एक दशक में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिफेंस सहित सभी सेक्टर में बदलाव देखने को मिलेगा। हर क्षेत्र में मशीनों और तकनीक के चलते लोगों की सहूलियतें बढ़ जाएंगी।

Posted By: Ravi Mishra

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