बरेली, जेएनएन : हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने संचारी रोगों के प्रति लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों को दी। बावजूद इसके जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। डेंगू के 14 मरीज सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री के सामने मामला दबा दिया गया। वहीं, मलेरिया के मरीजों के इलाज में लापरवाही जारी है। इसकी सूचना लखनऊ स्थित मुख्यालय तक पहुंच गई है। इसके बाद सीएमओ से अधिकारियों ने लिखित जवाब मांग लिया है।

जिले के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में डेंगू के 14 पॉजिटिव मरीज भर्ती होने की सूचना स्वास्थ्य मंत्री के शहर में आने से पहले सीएमओ कार्यालय के आइडीएसपी यूनिट को भेज दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री को अफसरों ने इसकी जानकारी नहीं दी। मामला जागरण में प्रकाशित होने के बाद लखनऊ स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय तक बात पहुंच गई। महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला से फोन पर जानकारी ली और विस्तृत जवाब भेजने के निर्देश दिए।

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निदेशक वीबीडी ने लिया संज्ञान
जिला अस्पताल में मंगलवार को डॉक्टरों की मंडलीय टीम ने निरीक्षण किया था। उन्हें मलेरिया वार्ड में मरीज भर्ती मिले, जिनका सही से इलाज नहीं किया जा रहा था। वहां सफाई व जाली भी टूटी हुई मिली थी। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक दवा की सही डोज मरीजों को नहीं दिए जाने की खबर का लखनऊ में निदेशक वीबीडी (वेक्टर बोर्न डिजीज) डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी ने संज्ञान ले लिया। उन्होंने प्रभारी अपर निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार को फोन कर मामले की जानकारी ली।

जिला अस्पताल में कराया डीडीटी छिड़काव, फॉगिंग कराई
मंडलीय चिकित्सकों के निरीक्षण के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्थाएं दुरुस्त की। डेंगू और मलेरिया प्लाज्मोडियम वाइवेक्स के मरीजों को भर्ती करने के लिए एल्डर्ली वार्ड बनाया है, वही हार्ट वार्ड में खतरनाक प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बुधवार को अस्पताल परिसर में डीडीटी का छिड़काव और फॉगिंग कराई गई।

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पानी जमा होने पर कटेगा चालान
जिले में डेंगू के 14 मरीज मिलने पर सीएमओ कार्यालय में तैनात इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आइडीएसपी) यूनिट की टीम मेडिकल कॉलेज में मरीजों का हाल पूछने पहुंची। पता चला कि कई मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं, कुछ बचे हैं जिनकी हालत खतरे से बाहर है।
मलेरिया के साथ ही डेंगू की धमक होने पर सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों व स्टाफ को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही नगर आयुक्त, एसडीएम और डीपीआरओ को पत्र भेजकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि शहर व गांवों में नाले-नालियों की सफाई करवाई जाए। फॉ¨गग व एंटी लार्वा नाशक दवा का छिड़काव हो। मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाए। घरों में कूलर व अन्य स्थानों पर पानी जमा होने पर नोटिस दिए जाएं। सीएमओ ने बताया कि घर या आसपास कही भी पानी जमा होने पर कार्रवाई की जाएगी।

डेंगू का कारण
मादा एडीज इजिप्टीआइ मच्छर के काटने से ही डेंगू बीमारी होती है। यह मच्छर ठहरे हुए साफ पानी में ही पनपता है और शाम को उजाले के वक्त ही काटता है। यही मच्छर इस बीमारी को एक मरीज से दूसरे मरीज तक फैलाता है।

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डे केयर सेंटर शुरू
जिला अस्पताल में आने वाली खून की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं के लिए डे-केयर सेंटर की शुरूआत कर दी गई है। इस सेंटर में गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इससे महिलाओं में हाई रिस्क प्रेगनेंसी का खतरा कम किए जाने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
महिला अस्पताल में आने वाली अधिकतर गर्भवती महिलाएं एनीमिक (खून की कमी) होती हैं। डॉक्टरों के अनुसार 11 ग्राम से अधिक खून होने पर मरीज सामान्य माना जाता है। नौ से 11 ग्राम तक उसे हल्का (माइल्ड) एनीमिक माना जाता है, जिसके लिए महिला की खुराक बढ़ाने के साथ ही दवा भी दी जाती है। सात से नौ ग्राम मॉडरेट माना जाता है। इसमें आयरन की दोगुनी डोज और आइरन सुक्रोज का इंजेक्शन लगाते हैं।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से आइडीएसपी यूनिट में डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट आई होगी। वहां से रिपोर्ट नहीं मिली, जिस पर यूनिट प्रभारी का जवाब मांगा है। आला अधिकारियों को जानकारी दे दी है। विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ

Posted By: Abhishek Pandey