जागरण संवाददाता, बरेली : यूपी बोर्ड परीक्षा-2019 को लेकर सभी विद्यालयों से सूचनाएं मांगी गई। बोर्ड की वेबसाइट पर इन सूचनाओं को अपलोड करने में विद्यालयों की भारी लापरवाही सामने आई है। जिले के 364 विद्यालय ऐसे रहे जो अपेक्षित सूचनाएं अपलोड करके फाइनल सबमिट को लॉक करना भूल गए। ऐसे में यह विद्यालय भी सूचनाएं नहीं देने वाले विद्यालयों की कतार में आ गए और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसर पर्याप्त व्यवस्थाओं की पड़ताल नहीं कर सके। जिस पर डीआइओएस ने संबंधित प्रधानाचार्यों को कड़ी चेतावनी दी है।

उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद इस बार परीक्षा-2019 की सुचिता को लेकर काफी सजगता दिखा रहा है। सूचनाएं छह अगस्त तक अपलोड करने तथा इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग में हार्ड कापी जमा करने के निर्देश दिए। जिस पर 364 प्रधानाचार्यों ने मांगी गई सूचनाओं को वेबसाइट पर अपलोड तो कर दिया लेकिन फाइनल सबमिट नहीं किया है। जिसके चलते इनकी जांच लटक गई है। हालांकि बाद में 16 अगस्त तक तिथि बढ़ा दी गई। मात्र 33 ही कर सके हैं फाइनल सबमिट

जिले में यूपी बोर्ड के करीब 400 विद्यालय हैं। इनमें से 11 ऐसे हैं जिन्होंने अपेक्षित सूचनाएं अपलोड तक नहीं की हैं। जबकि 33 ही फाइनल सबमिट कर सके हैं। यह सूचना करनी थी अपलोड

संपर्क मार्गों से स्कूलों की दूरी, मैपिंग, प्रबंध कमेटी के आपसी विवाद, परीक्षार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था, प्रश्नपत्र सुरक्षित रखने की व्यवस्था, शुद्धपेय जल, शौचालय, अग्निशमन यंत्रों की स्थिति, चहार दीवारी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, मुख्य मार्ग से दूरी, विद्यार्थी व शिक्षकों की बायोमीट्रिक, सीसीटीवी, डिबार विद्यालय आदि। वर्जन-

सूचना अपलोड होने बाद ही विद्यालयों के पर्याप्त संसाधनों को चेक किया जा सकता है। सूचना जल्द अपलोड नहीं करने पर मान्यता प्रत्याहरण की चेतावनी दी है।

--डॉ. अचल कुमार मिश्र, डीआइओएस।

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