बरेली, जेएनएन। Indian Railway Wheat Special Rack: पीलीभीत से भारतीय खाद्य निगम का 2 हजार 655 मीट्रिक टन गेहूं की रैक लेकर मालगाड़ी बस्ती जिले के लिए रवाना हुई है। इस गेहूं की ढुलाई से रेलवे को 16 लाख 16 हजार 338 रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। रेलवे लाइनें ब्राडगेज हो जाने के बाद से रेलवे माल ढुलाई के माध्यम से अच्छी आय प्राप्त कर रहा है।

पिछले दिनों बरखेड़ा स्थित बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल से चीनी की रैक लोड करके बाहर भेजी गई थी।इसके बाद शाहजहांपुर होकर रेलवे की दो मालगाड़ियां बीसलपुर तक कोयला ला चुकी हैं। इसके अलावा पिछले दिनों भारतीय खाद्य निगम की ओर से गेहूं की रैक गोरखपुर के आनंदनगर भेजी गई थी और अब गेहूं की दूसरी रैक  बस्ती के लिए रवाना हुई। 

यहां रेलवे की लोडिंग अनलोडिंग का कार्य लगभग दो साल तक बंद रहा है। क्योंकि रेलवे लाइनों के आमान परिवर्तन कार्य के कारण ब्लाक ले लिया गया था। ऐसे में यात्री ट्रेनों के संचालन के साथ ही मालगाड़ियों का आवागमन भी बंद रहा।

ब्राडगेज का कार्य पूर्ण होने के बाद कोविड जैसी महामारी के दौर में रेलवे ने माल ढुलाई के माध्यम से अपनी आय को बढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया था। अब इसमें और तेजी आ रही है।पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह के अनुसार एफसीआई ने बस्ती को गेहूं की रैक रवाना की है।

इससे रेलवे को लोडिंग के जरिए मुनाफा हुआ है। उन्होंने बकाया कि भारतीय खाद्य निगम की ओर से कुल 2655 हजार टन गेहूं 42 वैगन की एक रैक से भेजा गया है। इससे रेलवे को 16 लाख 16 हजार तीन सौ 38 रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि माल ढुलाई के माध्यम से रेलवे लगातार अपना राजस्व बढ़ा रहा है। 

Edited By: Ravi Mishra