बरेली, जेएनएन। रेलवे की ढुलमुल कार्यप्रणाली कोई नई बात नहीं। ट्रेन बिना किसी सूचना के पहुंचने, प्लेटफार्म बदल जाने के किस्से कई बार सुने या भुगते होंगे। हाल में श्रमिक स्पेशल ट्रेनें खोने के भी कई मामले सामने आए। अब रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता एक और किस्सा सामने आया है। बरेली जंक्शन पर जो ट्रेनें एक जून की शाम को आने की सूचना नोटिस बोर्ड पर थी, दरअसल वो ट्रेनें अपने आरंभिक स्टेशन से चली ही नहीं। नोटिस बोर्ड के आसरे मुसाफिर रात तक जंक्शन पर रुके रहे, लेकिन ट्रेनें हकीकत में चली ही नहीं थीं। ऐसे में मुसाफिर मायूस होकर वापस लौट गए।

बात हो रही दुर्गियाना एक्सप्रेस (02358) और श्रमजीवी एक्सप्रेस (02392) की। डाउन लाइन की दुर्गियाना एक्सप्रेस शाम 04.21 बजे बरेली जंक्शन आने का टाइम नोटिस बोर्ड पर था। ट्रेन अपने आरंभिक स्टेशन अमृतसर से सुबह 05.55 बजे चलती है। वहीं, श्रमजीवी एक्सप्रेस (02392) शाम 05.38 बजे जंक्शन पहुंचने का समय नोटिस बोर्ड पर था। ट्रेन नई दिल्ली से दोपहर 01.10 बजे चलती है। ऐसे में एक जून को चलने वाली गाडिय़ों में शामिल दोनों ट्रेन शाम को तय समय या कुछ देरी से जंक्शन पहुंचनी चाहिए थी। लेकिन हकीकत में ट्रेन रात तक नहीं पहुंची, बताया जाता है कि ट्रेन रद थी। इससे दर्जनों मुसाफिर रात तक परेशान होकर रेलवे के अधिकारियों के पास चक्कर लगाते रहे।

लखनऊ मेल को लेकर स्टाफ सतर्क

जंक्शन स्टेशन पर आठ जोड़ी ट्रेनों को ठहराव दिया गया है। सोमवार देर रात लखनऊ से दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल के जंक्शन आने का समय देर रात 01.45 है। इसके अलावा महामना, सत्याग्रह एक्सप्रेस, अपलाइन दुर्गियाना, श्रमजीवी व शहीद एक्सप्रेस, सरयू यमुना एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों के आने की तैयारी में रेलवे अधिकारी लगे रहे।

जंक्शन पर नो मास्क, नो इंट्री

जंक्शन पर नो मास्क, नो टिकट के बाद अब नो मास्क, नो मास्क नो इंट्री का फार्मूला लागू है। जिसे आफिस स्टाफ से लेकर वेंडर, आरपीएफ, जीआरपी और यात्रियों पर भी लागू किया गया है। सोमवार को ऑपरेङ्क्षटग, इंजीनियङ्क्षरग विभाग के चार-पांच कर्मचारी बिना मास्क लगाए कार्यालय पहुंचे। जिन्हें मास्क लगाने के बाद ही प्रवेश दिया गया। वहीं, कोविड-19 से बचाव संबंधी उपाय व नियमों का प्रचार होता रहा।

रेल मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन का सभी से पालन कराया जाना है। बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। चाहें वो यात्री हो या रेलवे कर्मचारी, अधिकारी। कंट्रोल रूम की सूचना के आधार पर ट्रेनों का स्टेटस अपडेट होता है। - सत्यवीर ङ्क्षसह, स्टेशन अधीक्षक 

Posted By: Ravi Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस