बरेली, जेएनएन : आयकर विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर शातिरों ने एक युवती से छह लाख रुपये लिए। उसे नियुक्ति-पत्र भी दे दिया। जब वह ज्वाइन करने आयकर दफ्तर पहुंची तो अधिकारियों ने नियुक्ति-पत्र फर्जी बताया। पीड़िता के भाई ने जब रुपये वासस मांगते तो आरोपितों ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने प्रेमनगर पुलिस को मुकदमे के आदेश दिए।

किला के कटघर निवासी अर्पित कुमार ने बताया कि प्रेमनगर इलाके में उसकी मुलाकात चंद्रपाल, ओमपाल निवासी सिविल लाइंस, सौरभ, धर्मवीर, रामेश्वर दयाल निवासी मिलक रामपुर, लाल बहादुर निवासी अलापुर बदायूं, जय सिंह चांदपुर बिजनौर, ओमपाल वाल्मीकि निवासी लक्ष्मीनगर दिल्ली से हुई। आरोपितों ने कहा कि उनकी पहुंच आयकर के बड़े अधिकारियों तक है। पीड़ित ने बहन अनामिका की नौकरी के लिए बात की तो कहा छह लाख खर्च आएगा।

रुपये लेने के कुछ दिन बाद उन्होंने नियुक्ति-पत्र थमा दिया। जब वह ज्वाइन करने पहुंची तो पता चला कि नियुक्ति-पत्र फर्जी है। उसने आरोपितों से संपर्क कर शिकायत की और रुपये वापस मांगे तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने प्रेमनगर पुलिस से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उसने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की तो आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

करोड़ों की ठगी में जमानत अर्जी खारिज

रीयल एस्टेट कारोबारी श्री गंगा इंफ्रा सिटी प्राइवेट लिमिटेड के कथित डायरेक्टरों की जमानत अर्जी कोर्ट ने नामंजूर कर दी है। पिछले वर्ष 20 जुलाई को 29 शिकायत कर्ताओं ने थाना बारादरी में तहरीर देकर करोड़ों रुपए हेराफेरी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। कंपनी के डायरेक्टर आरोपित राजेश मौर्य, मनोज मौर्य, द्रौपदी देवी, रामकिशोर, अजय मौर्य, दिनेश मौर्य, रामदेव मौर्य व प्रभा शंकर पुष्कर कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी करने के आरोप में फंसे थे। सेशन जज अजय त्यागी ने चार अलग-अलग मामलों में आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

Posted By: Abhishek Pandey

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