बरेली, जेएनएन : टेरर फंडिंग का आरोपित सदाकत दूसरे मामले में जिला जेल में बंद है। वह बाहर न आ सके, इसके लिए एटीएस लखीमपुर खीरी कोर्ट से उसका बी वारंट जारी करा लाई। शनिवार को वारंट जिला जेल में लगा दिया गया है। अब एक नवंबर को लखीमपुर खीरी कोर्ट में सदाकत की पेशी होगी।

लखीमपुर खीरी में एटीएस लखनऊ ने 11 अक्टूबर को चार लोगों को टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनमें समीर सलमानी बरेली का रहने वाला था। समीर सहित चारों आरोपितों ने बरेली के सदाकत, सिराजुद्दीन और फहीम के लिए काम करने की बात कही थी। इसके बाद से ही एटीएस को तीनों की तलाश थी। इनमें से सिराजुद्दीन और फहीम को 17 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं सदाकत अगले ही दिन अपने पुराने ठगी के मामले में जमानत कटवाकर जेल चला गया। पुलिस और एटीएस को चकमा देकर जेल गए सदाकत को ही टेरर फंडिंग मामले में उप्र का मुखिया बताया जा रहा है। वही दिल्ली में बैठे नाइजीरियन माइकल के जरिए विदेशों से आई रकम को ठिकाने लगाता था। एटीएस लखनऊ को सदाकत के जेल जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने लखीमपुर खीरी कोर्ट से सदाकत का बी वारंट जारी कराया। इसके बाद शनिवार को एटीएस ने इस वारंट को जिला जेल में लगा दिया है। अब एक नवंबर को बी वारंट पर सदाकत को लखीमपुरी खीरी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसी दिन उसके रिमांड पर भी कोर्ट सुनवाई करेगी। एटीएस इंस्पेक्टर मंजीत ने बताया कि प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। एक नवंबर को पेशी के बाद ही सदाकत की रिमांड मिल सकेगी।

पीएम आवास योजना के नाम पर ठगी करने वाला गया जेल

महिलाओं ने एसएसपी से शिकायत की थी कि एक महिला के जरिए शिवम नाम के युवक ने उनके प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए बैंक खाते खुलवाए थे। खाते खुलने और उसके बाद उन खातों में आए पैसों को गायब करने के आरोप में युवक को गिरफ्तार किया गया था। उससे दो दिन तक पूछताछ की गई। इसके बाद उसे शनिवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस एक महिला सहित अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है। इस मामले में महिलाओं ने टेरर फंडिंग होने की भी आशंका व्यक्त की थी।

कस्टडी रिमांड पूरी होने पर फहीम और सिराजुद्दीन भेजे गए जेल

टेरर फंडिंग मामले में 10 दिन पहले बरेली से गिरफ्तार किए गए फहीम व सिराजुद्दीन की कस्टडी रिमांड पूरी होने पर शनिवार को एटीएस ने उन्हें जेल में दाखिल कर दिया। 17 अक्टूबर को एटीएस ने फहीम व सिराजुद्दीन को बरेली के इज्जतनगर से दबोचा था। दोनों आरोपितों को अगले दिन एटीएस के सीओ शैलेंद्र राठौर ने लखीमपुर में सीजेएम की अदालत में पेश किया था। उसी दिन मुकदमे के विवेचक ने फहीम व सिराजुद्दीन से पूछताछ करने और टेरर फंडिंग मामले में आतंकियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए दोनों की कस्टडी रिमांड की अर्जी दी थी। इस पर 19 अक्टूबर को कोर्ट ने फहीम व सिराजुद्दीन की सात दिन की कस्टडी रिमांड की मंजूरी दी थी। शनिवार को कस्टडी रिमांड की अवधि पूरी होने पर एटीएस ने दोनों आरोपितों को जिला जेल में वापस दाखिल कर दिया। 

Posted By: Abhishek Pandey

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