जागरण संवाददाता, बरेली : रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छेड़खानी की शिकार हुई परास्नातक कक्षा की छात्रा अपने आरोपों से मुकर गई। सोमवार को छात्रा की मां ने विवि प्रशासन को लिखित पत्र दिया। इसमें कहा कि छेड़खानी नहीं हुई, बल्कि ये भाई का मोबाइल ले आई थी, इसलिये वह मोबाइल लेने आया था। ये दोनों तो भाई-बहन हैं। उधर, छात्रा ने भी छेड़खानी न होने का पत्र सौंपा। विवि प्रशासन ने साफ किया है कि छात्रा के पिता को पत्र लिखा है कि अगर दोबारा ऐसी घटना हुई तो छात्रा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को परास्नातक की एक कक्षा में घुसकर बाहरी युवक ने छात्रा से छेड़खानी की और उसका मोबाइल लेकर भाग गया था। तब छात्रा ने खुद छेड़खानी के आरोप लगाए थे। बाद में उनके परिजनों ने विवि पहुंचकर यह इल्जाम लगाया था कि इसी युवक की वजह से वह डीयू से बरेली आई हैं। छात्रा के परिजनों ने बताया था कि वह डीयू से स्नातक कर रही थीं। युवक भी दिल्ली में पढ़ता था। मुकदमे की चेतावनी पर सुलह छात्रा और छेड़खानी करने वाला आरोपित मौसेरे भाई-बहन हैं। घटना के बाद से छात्रा के परिजनों पर सुलह का दबाव बनाया जा रहा था। अब किस आधार पर कार्रवाई करें चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती के मुताबिक, अब किस आधार पर कार्रवाई करें। छात्रा के पिता को पत्र भेजेंगे कि आइंदा घर का विवाद विवि तक पहुंचा तो छात्रा के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कॉर्ड डालकर आने का सख्ती से कराएंगे पालन विश्वविद्यालय में जब कभी कोई घटना होती है तो छात्र, छात्राओं के गले में पहचान-पत्र डालकर आने का आदेश याद आता है। विवि प्रशासन ने छेड़छाड़ की घटना के बाद एक बार फिर कहा कि कॉर्ड डालकर आने के आदेश का पालन कराएंगे।