जेएनएन, बरेली : निर्माणाधीन लाल फाटक ओवरब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने काम में ढिलाई पर सेतु निगम के अफसरों को आड़े हाथों लिया। कहा कि मुझे हर हाल में मार्च तक पुल पूरा मिलना चाहिए। वहां मौजूद रेल अफसरों ने कहा कि वे अपने हिस्से का काम करने के लिए अगस्त से तैयार हैं मगर इस रास्ते का आवागमन बंद करने के लिए सहयोग नहीं मिल रहा। डायवर्जन का इंतजार कर रहे हैैं। डीएम ने भी सेतु निगम के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। ओवरब्रिज निर्माण को लेकर मंत्री ने अफसरों से इस तरह किए सवाल--

प्रभारी मंत्री - लाल फाटक का काम कितना पूरा हुआ।

सेतु निगम के अधिकारी - करीब 54 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ काम हमारा बाकी है और कुछ काम रेलवे का।

प्रभारी मंत्री - कब शुरू हुआ और कब तक पूरा होना था।

अधिकारी - दो जनवरी 2017 को शुरू हुआ था और मार्च 2020 में पूरा होना है।

प्रभारी मंत्री - कितनी प्रोग्रेस हुई है अब तक

अधिकारी - अभी तक हमारी तरफ से 54 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसमें 80 प्रतिशत हमें काम करना है प्रभारी मंत्री - रेलवे के अधिकारी तो तीन महीने से इंतजार कर रहे हैं। आप लोग क्या कर रहे हैैं।

अधिकारी - डायवर्जन में फाटक शिफ्ट करना है, सड़क बनाई जानी है। इसका एस्टीमेट बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

प्रभारी मंत्री - तीन महीने से आप सिर्फ पत्र ही भेज रहे हैैं। आपने काम में ढिलाई बरती है। अब बहानेबाजी मत कीजिए। हर हाल में मार्च तक इस पुल को पूरा चाहिए। अब तक कितना काम हो जाना चाहिए।

अधिकारी - 70 प्रतिशत होना चाहिए। हम मानते है कि हमारी तरफ से लेटलतीफी हुई है।

प्रभारी मंत्री - सेना की जमीन का क्या मामला है।

अधिकारी - सेना को एनओसी के लिए पत्र भेजा गया है। वहां से यहां के रक्षा संपदा अधिकारी के पास पत्र आएगा। एनओसी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।

प्रभारी - आप अपना काम कीजिए। टालमटोल मत कीजिए। जब आप प्लानिंग कर रहे थे तब आपको नहीं पता था कि ऐसा होगा। हकीकत यह है कि आपने प्लानिंग ही नहीं की। बहानेबाजी मत करिए।

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