बरेली, जेएनएन : यातायात नियमावली में संशोधन और जुर्माने की नई दरें इन दिनों हर जुबां पर चर्चा की वजह हैं। सोशल मीडिया कमेंट से भरा पड़ा है। इन सबके बीच शहर में सात दिनों के जो ट्रैफिक आंकड़े हैं, वे अलग इशारा कर रहे। बता रहे कि सख्ती की वजह से ही सही, शहर में यातायात नियम तोड़ने वालों की संख्या कुछ कम हुई। ऐसा तब है, जबकि अभी तो जुर्माना की बढ़ी दरें अपने शहर में लागू तक नहीं हुईं हैं।

एक सितंबर से केंद्र सरकार ने नए नियम लागू कर जुर्माना की राशि बढ़ाने का एलान कर दिया था। तब से हेलमेट पर पांच सौ के बजाय एक हजार रुपये का जुर्माना तय हुआ। ऐसा ही अन्य नियम तोड़ने पर भी तय हुआ। हालांकि शहर में अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। इसके पीछे वजह बताई जा रही कि अभी यातायात पुलिस का साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है, इसीलिए नई दरों से जुर्माना नहीं डाला जा रहा।

पहले यह भी स्थिति

पिछले एक साल में करीब 85 हजार चालान किए थे। प्रति महीने यह औसत करीब सात हजार चालान का है। यानी एक दिन में करीब सवा दो सौ चालान होते हैं।

अब यह है स्थिति

एक सितंबर से सात सितंबर तक यातायात पुलिस ने 1160 चालान किए। इनमें सबसे ज्यादा जुर्माना बाइक सवार लोगों से वसूला गया जोकि बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए पकड़ गए। इस बार की चेकिंग में एक बात और बढ़ी कि प्रदूषण चेकिंग को लेकर सख्ती बरती गई। सात दिनों में 35 लोगों का चालान प्रदूषण नियंत्रण नहीं किए जाने के कारण हुआ। पहले इतने चालान महीने भर में होते थे।

कार सवार अभी बचे हुए

सात दिनों में महज 46 कार सवार लोगों पर कार्रवाई की गई। सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण उनके चालान किए गए।

जब तक नया एप नहीं, तब तक राहत

यातायात पुलिस अभी पुरानी दरों पर ही चालान कर रही है। जो लोग मौके पर जमा कर रहे, वे नई दरों से बच जा रहे। जिनके चालान बाद में छुड़वाए जा रहे, वे भी तब तक ही मोटे जुर्माने से बचे हैं, जब तक ट्रैफिक पुलिस का एप अपडेट नहीं जाता। एप अपडेट होने के बाद पुराने किए हुए चालान का जुर्माना भी जब जमा करने जाएंगे तो नई दरों से होगा। 

Posted By: Abhishek Pandey

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