बरेली, जेएनएन। Shahjahanpur CHC News : स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों की हकीकत जानने आ रही टीम के स्वागत में सीएचसी का स्टाफ इतना व्यस्त हुआ कि मरीजों की सुध ही नहीं रही। खून की जांच कराने पहुंची महिला को दर्द शुरू हुआ तो उसे लिटाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला। इस बीच वह बेहोश हो गई, जिससे वहां खलबली मच गई। आनन फानन में महिला को वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। कायाकल्प योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं व सफाई व्यवस्था आदि का सत्यापन किया जाता है। सोमवार दोपहर बरेली से टीम को निरीक्षण के लिए आना था। ऐसे में अस्पताल का पूरा स्टाफ व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा था।

इस बीच दोपहर करीब 12 बजे क्षेत्र के राघवपुर सिकंदरपुर गांव निवासी वीरपाल अपनी सात माह की गर्भवती पत्नी सविता की खून की जांच कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। मुख्य गेट पर पहुंचते ही सविता को दर्द होने लगा। वीरपाल ने स्वास्थ्यकर्मियों को स्ट्रेचर लेकर आने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। निरीक्षण की तैयारियों में जुटे किसी कर्मचारी ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में वीरपाल पत्नी को गोद में ही लेकर इधर उधर भटकते रहे। कहीं कुछ समझ नहीं आया तो ओपीडी पहुंचे, लेकिन इस बीच दर्द से परेशान सविता बेहोश हो गई। परेशान वीरपाल पत्नी को गोद में लिए फिर से स्टाफ के पास गए तो वहां मौजूद डा. ललित वर्मा की उन पर नजर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्ट्रेचर मंगवाकर सविता को वार्ड में भर्ती कराया। जहां ड्रिप लगवाई गई। शाम में हालत सामान्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दी गई।

महिला अचानक बेहोश हो गई थी। इतनी जल्दी स्ट्रेचर लेकर पहुंचना संभव नहीं था। जिस वजह से महिला का पति स्वयं ही उसे गोद में लेकर आ गया। ओपीडी में पहुंचते ही उपचार शुरू करा दिया गया। डा. नितिन चौधरी, सीएचसी प्रभारी 

Edited By: Ravi Mishra