बरेली (जेएनएन)। करीब एक महीना, मंडल में 300 से ज्यादा मौतें। अकेले बरेली में 114 की जान चली गई। लोग तिल-तिल मरते रहे, चिल्लाते रहे, बिलखते रहे लेकिन सिस्टम सोता रहा। हालात बिगड़े तो अब जाकर सरकार जागी। बुखार के कारण हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंगलवार को यहां पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह फुल एक्शन में दिखे।

जिला अस्पताल पहुंचकर सभी वार्डों का निरीक्षण किया। लखनऊ की टीम की रिपोर्ट के आधार पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पंकज कुमार जैन को निलंबित कर दिया। वहां से स्वास्थ्य मंत्री जगतपुर पहुंचे। नाले में मच्छरों की पैदावार देख नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार को निलंबित करने के निर्देश दिए। जगतपुर स्वास्थ्य केंद्र में ताला पड़ा होने व परिसर में पानी व कीचड़ होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. श्वेता भारद्वाज को भी सस्पेंड करने को कह गए। वहां तैनात सभी डॉक्टरों के नाम भी मांगे।


दोपहर करीब पौने दो बजे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले बच्चा वार्ड देखने गए। मरीजों से हाल पूछा। फिर फीमेल मेडिकल वार्ड पहुंचे तो एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे मिले। इस नाराजगी जताई। एडीएसआइसी डॉ. केएस गुप्ता व सीएमएस डॉ. साधना सक्सेना को जरूरी निर्देश दिये। सर्किट हाउस जाकर लखनऊ से भेजे डीजी हेल्थ डॉ. पदमाकर सिंह समेत टीम के सदस्यों से जिले में बुखार फैलने की जानकारी दी।

प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया के आंकड़े दबाने के आरोप में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पंकज कुमार जैन को तत्काल निलंबित कर दिया। उन्होंने जिला अस्पताल के एडीएसआइसी डॉ. केएस गुप्ता और महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. साधना के बीच कोआर्डिनेशन की कमी बताई और अपने नोटिस पीरियड में लेने की बात कही। दोनों को चेतावनी देते हुए बोले, 24 घंटे में सुधार नहीं होने पर वे अपने पद पर नहीं रह पाएंगे।

कहां पर कितनों ने जान गंवाई

-163 लोग बदायूं में बुखार की भेंट चढ़ गए
-114 की जान बरेली में अब तक जा चुकी है
-19 लोग शाहजहांपुर में जान गवां चुके अभी तक
-10 मौतें पीलीभीत में, लगातार हो रहे हालात खराब

 

दरअसल, जिले में बुखार से लगातार मौतें हो रहीं। दिन ब दिन आंकडा बढता जा रहा। हैरत की बात इसलिए भी है क‍ि अब तक बरेली में अस्‍सी से ज्‍यादा लोग बुखार में जान गवां बैठे, यह संख्‍या प्रदेश में सबसे ज्‍यादा है। यही वजह रही क‍ि तीन द‍िन पहले मुख्‍यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और बरेली के ल‍िए विशेष टीम लखनऊ से भेजी ताक‍ि बुखार फैलने की वजह और मौतों का कारण सामने आ सके। टीम आई मगर हालात पर कोई फर्क नहीं पडा। ऐसे में सोमवार को सूबे के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने खुद हालात के बारे में पूछा।  

Posted By: Abhishek Pandey