बरेली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मुहम्मद शमी की बीवी हसीन जहां ने एक बार फिर उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोहराया कि शमी के कई महिलाओं से संबंध हैं। वह उप्र की ही एक लड़की की जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं। मंगलवार को मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास मदद मांगने पहुंचीं हसीन ने कहा कि शमी के दबाव में पुलिस ने उन्हें रात 12 बजे नाइट गाउन में उठाया। साढ़े तीन साल की बेटी का गला पकड़कर उसे कार में डाला। पुलिसकर्मी देवेंद्र कुमार और केपी सिंह ने मेरे साथ बदतमीजी की।

हसीन का कहना है कि शमी से मेरा तलाक नहीं हुआ है। मैं उनके साथ रहना चाहती हूं। उनकी संपत्ति में मेरा और मेरी बेटी का अधिकार हैं। इसलिए मैं ससुराल में रहने गई तो मुझ पर जुल्म किए गए। पुलिस-प्रशासन ने शमी के दबाव में मेरे साथ दुव्र्यवहार किया है।

बेटी की पढ़ाई पर संकट

हसीन जहां ने कहा कि मैं बेटी का एडमिशन इंटरनेशनल स्कूल में कराना चाहती थी। शमी के पास उनके दोस्तों के जरिये संदेश भेजा। दो लाख रुपये का खर्च था। मना कर दिया। कहा कि सरकारी स्कूल में प्रवेश करा लें। बाद में मैंने उधार लेकर प्रवेश कराया। मैं अपने बच्चों को अच्छा जीवन देना चाहती हूं, पर अब मेरे पास रुपये नहीं हैं। उधार भी कब तक लूंगी और मिलेगा।

कानून पर भरोसा, फरहत से उम्मीद

शमी और हसीन का मामला कोर्ट में हैैं। इस पर हसीन ने कहा कि मेरी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। शमी कोर्ट में सुनवाई में भी देरी कराने की कोशिश कर रहे हैं। भरोसा है कि वहां इंसाफ मिलेगा। मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास मदद की उम्मीद लेकर आई हूं। कामयाबी मिलेगी। फरहत नकवी ने कहा कि हसीन पर जुल्म हुआ है। पुलिस-प्रशासन ने भी प्रताड़ित किया है। इंसाफ की लड़ाई में संगठन हसीन के साथ है। इस संबंध में पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से भी मुलाकात की जाएगी। 

हसीन अमरोहा पुलिस के खिलाफ दायर करेंगी वाद

हसीन जहां ने पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में कोर्ट की शरण लेने का एलान किया है। वह गुरुवार को अमरोहा सीजेएम कोर्ट में पुलिस के खिलाफ वाद दायर करेंगी। रविवार की रात हसीन जहां बेटी के साथ सहसपुर अलीनगर स्थित ससुराल पहुंची थीं। यहां देर रात तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ.विपिन ताडा के हस्तक्षेप पर पुलिस ने हसीन और शमी के पीआरओ पवन कुमार को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि दोपहर बाद एसडीएम कोर्ट से दोनों को निजी मुचलकों में पाबंद करते हुए छोड़ दिया गया था। अमरोहा में न्याय न मिलता देख मंगलवार को हसीन अपने वकील हबीबुर्रहमान के साथ बरेली गईं। वहां केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी से मिलीं और उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई। फरहत नकवी मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं और महिलाओं के लिए काम कर रही हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

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