बरेली, जेएनएन : ससुर संग हलाला का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीडि़ता और उनके पूर्व शौहर के बीच सुलह की कोशिश खत्म हो गई है। हाईकोर्ट के मीडिएशन सेंटर में एक अक्टूबर 2018 से जनवरी तक छह तारीखों पर दोनों पक्ष आमने-सामने बैठे। मगर, दिल में एक-दूसरे के लिए जगह नहीं बनी। अब यह मामला दोबारा से कोर्ट में पहुंच गया है।

किला क्षेत्र में रहने वाली पीडि़ता का निकाह वर्ष 2009 में सुर्खा बानखाना के रजा चौक निवासी वसीम से हुआ था। पीडि़ता का आरोप है कि शौहर ने तलाक के बाद ससुर के साथ हलाला कराया। फिर दोबारा 2017 में तलाक दे दिया। आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान ने जुलाई में पीडि़ता का यह मामला उठाया तो पूरे देश की नजर इस मामले पर पड़ी। तब जाकर देश का पहला हलाला के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। अब यह मामला कोर्ट में चल रहा है। अदालत के आदेश पर ही सुलह की एक कोशिश शुरू हुई थी। पीडि़ता का आरोप है कि शौहर पक्ष ने सीधे 15 लाख रुपये लेकर मामला खत्म करने की पेशकश की थी। मैं ये रुपये लेकर क्या करती। मुझे इंसाफ चाहिए। इसलिए मैंने रुपये लेने से इन्कार कर दिया।

मुश्किल लगने लगा न्याय

पीडि़ता का कहना है कि वह बहन के घर रहती हैं। अकेले न्याय की लड़ाई लड़ रही हूं। कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाना मेरे बस से बाहर है। मगर मैं चाहती हूं कि जो जुल्म मेरे साथ हुआ है, उसकी सजा मिलनी चाहिए। ताकि समाज में कोई दूसरा शख्स ऐसा गुनाह करने का साहस न जुटाए।  

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