जागरण संवाददाता, बरेली : 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बिस्तर की जो सप्लाई की जानी थी, उसमें फर्जीवाड़ा करने की पटकथा टेंडर डालने के दौरान ही लिख दी गई थी। वो इसलिए, रजाई, गद्दा, तकिया और रजाई मानक के अनुसार तैयार कराने में करीब आठ रुपये की लागत आएगी, जबकि साई इंटरप्राइजेज की ओर से टेंडर सिर्फ सात सौ रुपये में सप्लाई करने का डाला गया था।

बताते हैं कि साई इंटरप्राइजेज ने कस्तूरबा स्कूलों में 50-50 रजाई गद्दे सप्लाई करने के बाद बिल सौ-सौ रजाई गद्दे का लगाया था। जब बीएसए ने नोटिस जारी किया तो इसमें हंगामा होने लगा। विरोध की चिंगारी सुलगने के बाद जब रजाई गद्दे की दर की जानकारी कराई गई तो मालूम चला कि सिर्फ सात सौ रुपये में इसकी सप्लाई की जानी थी। जबकि बाजार में इसकी कीमत थोक दरों पर आठ सौ रुपये से ज्यादा है।

टेंट व्यवसायी ने खोला रेट

टेंट व्यवसायी सत्यम सक्सेना का कहना है कि सबसे कम कीमत की एक रजाई करीब 320 रुपये और गद्दा 290 रुपये में तैयार होता है। जबकि तकिया सौ रुपये और चादर 80 रुपये में मिलेगी। सप्लाई देने तक करीब दस से 20 रुपये का खर्च और आ जाता है।

ये हैं खरीद के मानक

कस्तूरबा विद्यालयों में रजाई गद्दों की सप्लाई करने के मानक भी तय किए गए थे। मानकों के अनुसार रजाई में तीन किलो रुई और गद्दे में करीब ढाई किलो रुई डलवानी होगी।

यहां पहुंचे सौ-सौ बिस्तर

जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बरेली नगर, फरीदपुर नगर एवं ग्रामीण, नवाबगंज, बिथरी चैनपुर, मीरगंज, बहेड़ी नगर एवं देहात, दमखोदा, क्यारा, भोजीपुरा, फतेहगंज सहित दो अन्य ब्लॉकों में सौ-सौ बिस्तर भेजे जा चुके हैं।

वर्जन

जिले के 14 कस्तूरबा स्कूलों में सौ-सौ बिस्तर पहुंच गए हैं। बाकी स्कूलों में भी जल्द बिस्तर पहुंचाने के निर्देश ठेकेदार को दिए हैं।

- चंदना राम इकबाल यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

By Jagran