बरेली, जेएनएन  भोजीपुरा के प्राइमरी स्कूल मुढि़या चेतराम के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सक्सेना के नाम से मुफ्फरनगर के शिक्षक ने जो भी मार्कशीटें लगाई, उन सभी की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाई गई है। हाईस्कूल, इंटर से लेकर बीकॉम और बीएड तक सभी मार्कशीटों की दूसरी कॉपी बनवाई गई थी। यह सभी हाथ से बनी हुई हैं। जबकि बरेली के शिक्षक की मार्कशीटें कंप्यूटर से ¨प्रटेड हैं। अब सवाल ये उठ रहा है कि विश्वविद्यालय ने बीकॉम से लेकर बीएड तक की मार्कशीटों की कॉपी बिना जांच पड़ताल कैसे जारी कर दी। बता दें कि कई साल पहले विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट बनाए जाने का मामला पकड़ा जा चुका है।

दैनिक जागरण ने मंगलवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जारी बीकॉम की मार्कशीट की पड़ताल की। पता चला कि दोनों में ही अंकों से लेकर सब कुछ एक समान है। सिर्फ मूल और डुप्लीकेट का फर्क है। दोनों ही मार्कशीटों पर डिग्री के संबंधित बाबू, कार्यालय अधीक्षक व अन्य लोगों के साइन व मुहर है। आश्चर्य की बात है कि विश्वविद्यालय से बिना जांच पड़ताल सारी मार्कशीटें जारी कर दी गई।

बरेली के शिक्षक प्रदीप कुमार सक्सेना का दावा है कि मैंने यहां से पढ़ाई की है। सभी मूल दस्तावेज बीएसए को दे चुके हैं। कर्मचारी बोले, पहले आधार नहीं लिया जाता था डिग्री विभाग से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि जिस समय की ये डिग्री हैं, उस समय आधार नहीं मांगा जाता था। आवेदन के आधार पर इसे जारी किया जाता था। अब दो साल से सतर्कता बरतते हुए पहचान के लिए आधार ले लिया जाता है।

मामला संज्ञान में नहीं है। लेकिन विश्वविद्यालय में जो भी डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए आवेदन करता है, उसे जारी किया जाता है। हो सकता है कि बरेली वाले शिक्षक की मार्कशीट मुज्जफरनगर वाले को मिल गई हो, उसने यहां से कॉपी निकलवा ली हो। उस समय आधार की व्यवस्था भी नहीं थी। -संजीव कुमार ¨सह, परीक्षा नियंत्रक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय

बरेली के शिक्षक ने एफआइआर दर्ज करा दी है। हम भी मामले की जांच करा रहे हैं। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार, बीएसए बरेली 

बरेली के शिक्षक ने दर्ज कराया मुकदमा

प्राइमरी स्कूल में एक ही नाम और मार्कशीट के सहारे नौकरी करने का मामला खुलने के बाद मंगलवार को बरेली के शिक्षक ने मुजफ्फरनगर के शिक्षक को फर्जी बताते हुए किला थाने में मुकदमा दर्ज कराया। गली चेतराम का फाटक पंजाबपुरा गुलाबनगर के रहने वाले शिक्षक प्रदीप कुमार सक्सेना प्राइमरी स्कूल मुड़िया चेतराम में तैनात हैं। उनकी मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों के सहारे मुजफ्फरनगर में इसी नाम से एक शिक्षक प्राइमरी स्कूल शेरपुरा में नौकरी कर रहा है।

सोमवार को बीएसए की जांच में मामला पकड़ में आया। मंगलवार को शिक्षक प्रदीप कुमार किला थाने पहुंचे और मुजफ्फरनगर वाले शिक्षक के खिलाफ आइपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। बीएसए ने भी एसपी से संपर्क किया। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। तहरीर में कहा गया है कि प्रदीप कुमार सक्सेना के नाम का व्यक्ति मेरे दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहा है। वह पूरी तरह से फर्जी है। प्रार्थी की नियुक्ति 2005 में हुई थी। जबकि फर्जी शिक्षक 2011 में भर्ती हुआ है। किला इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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