पीलीभीत, जेएनएन। परिंदों की जान आफत में है। जाल लगाकर इन्हें पकड़ने वाले शिकारी इन दिनों खासे सक्रिय हैं। दो दिन पहले 15 तोतों सहित तीन शिकारी पकड़े गए थे। अब फिर वन कर्मियों की टीम ने एक बाइक पर ले जाए जा रहे 60 तोते पकड़ लिए। हालांकि शिकारी वन कर्मियों को चकमा देकर अपनी बाइक और तोते छोड़कर भागने में सफल रहा। उसकी तलाश की जा रही है।

रविवार को सुबह करीब सात बजे सामाजिक वानिकी वन्यजीव प्रभाग के वन कर्मियों की टीम अमरिया क्षेत्र में उत्तराखंड की सीमा पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान सितारगंज बिजटी मार्ग पर एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर पीछे कुछ बांधकर आता दिखाई दिया। इस पर सामाजिक वानिकी के कर्मचारी चेतन कुमार एवं राजीव ढाली ने मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया। इस पर संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल छोड़कर रफूचक्कर हो गया। जब वन कर्मियो ने पास जाकर देखा तो मोटरसाइकिल पर पीछे 60 तोते अलग-अलग कपड़े में बंधे हुए थे। इसकी जानकारी उन्होंने सामाजिक वानिकी मुख्यालय पर दी। सामाजिक वानिकी पीलीभीत के रेंजर देवेंद्र कुमार, वन दारोगा शैलेंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए।

रेंज अधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि वनविभाग द्वारा बहुत से शिकारियों को चिह्नित करके रखा गया है। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना की जानकारी भी रात को मिल चुकी थी। इसलिए उन्होंने सुबह ही इस शिकारी को पकड़ने के लिए चारों और कर्मचारियों को लगा रखा था। वन कर्मियों की सतर्कता के कारण तस्करी करके ले जाए जा रहे तोते पकड़ लिए गए। फरार शिकारी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

तीन दिन पहले पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर के उड़नदस्ते ने तीन शिकारियों को पकड़ने के साथ ही एक मोटरसाइकिल और 15 तोते माला रेंज के जंगल के पास से बरामद किए थे। ये शिकारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच चिड़ियों की अवैध खरीद-फरोख्त में लगे हुए हैं। इनका नेटवर्क जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा।

Edited By: Vivek Bajpai