जेएनएन, बरेली : सिरौली के केसरपुर गांव में हुई रामदेव शर्मा की हत्या उसके बेटों ने उसी के तमंचे से की थी। दोनों बेटे इस बात से नाराज थे कि पिता रामदेव अपने शौक पूरे करने के लिए 68 बीघा जमीन बेच चुका था। ढाई लाख रुपये कर्ज हो गया था, उसे चुकाने के लिए बाकी 12 बीघा जमीन भी बेचने की फिराक में था। बेटों ने इसी से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी।

बुधवार की रात को केसरपुर निवासी रामदेव शर्मा का शव उन्हीं की चारपाई पर पड़ा मिला था। परिजनों का कहना था कि उन्होंने शव सुबह देखा। पुलिस ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया मगर बेटों की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू की।

बेटों समेत परिवार के दिल में भरी थी नफरत

गोली मारकर हत्या हुई तो परिजनों ने आवाज क्यों नहीं सुनी, घर में किसी बाहर के आने के सुबूत नहीं तो कौन वारदात कर गया। ऐसे तमाम सवाल हुए तो रामदेव के दोनों बेटों टूट गए, गुनाह कुबूल लिया। बड़े बेटे तुलसी दास शर्मा व छोटे बेटे अंकित शर्मा ने पुलिस को बताया कि पिता ने शुरू से ही अय्याशी में पूरी जमीन-जायदाद बेच डाली। बचपन में देखता था कि पिता उनकी मां को जल्लाद की तरह पीटते थे। हम दोनों को भी पीटते इसलिए उनके प्रति नफरत भर गई थी। फिर कभी उनकी हत्या के बाबत नहीं सोचा।

12 बीघा जमीन पर भी ले लिया कर्ज

रामदेव के पास 80 बीघा पैतृक जमीन थी। स्मैक, शराब की लत में 68 बीघा जमीन बेच दी। बाकी 12 बीघा जमीन पर भी कर्ज ले लिया था।

पहले बेचते थे अनाज, अब लेते थे उधार

प्रेसवार्ता के दौरान दोनों बेटे बिलख पड़े। बोले कि पहले खेतों से पैदा होने वाले अनाज से पूरे साल का खर्च निकाल लेते थे। मगर पिता की हरकतों के कारण अब उन्हें पेट भरने के लिए तक अनाज उधार लेना होता था। तुलसी दास की शादी हो गई तो खर्च चलाने के लिए उत्तराखंड के सिडकुल में सत्यम ऑटो में क्वालिटी मैनेजर की नौकरी करने लगा। छोटा बेटा पढ़ाई छोड़कर दिल्ली में नौकरी करने लगा था। घर चलाने के लिए मां ने भैंस पाली। इसके बावजूद पिता उनसे मारपीट कर दूध बिक्री के पैसे छीनकर शराब पी लेता था।

छोटे बेटे ने बनाया प्लान, जागरण के समय दिया अंजाम

दस दिन पहले घर आए दोनों भाइयों को जमीन बिक्री की तैयारी के बाबत पता चला तो छोटे बेटे ने बड़े भाई को सलाह दी कि पिता की हत्या कर जमीन बचा लेंगे। वारदात के लिए देवी जागरण वाला दिन चुना। और शोर के बीच रामदेव के तमंचे से ही उसकी हत्या कर दी।

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