शाहजहांपुर, जेएनएन। विवाह की तैयारी में लगी दुल्हन बनने वाली बेटी सोनाक्षी के लिए शनिवार की शाम पहाड़ बन गई। शाहजहांपुर के जलालाबाद कोतवाली क्षेत्र के विक्रमपुर गांव में प्रधान के घर विवाह के मंडप वाले स्थान पर अन्य कार्यक्रम के बीच में ही भोजन भी तैयार हो रहा था। इसी दौरान लीक हो रहे दो गैस सिलिंडर में लगी आग में झुलसकर चार लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हैं। यहां पर विवाह का कार्यक्रम आज यानी रविवार को तय है।

आग में झुलसे सात अन्य लोगों को पास के जिले फर्रुखाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताने के साथ ही घायलों के समुचित इलाज का निर्देश भी दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही शाहजहांपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराए जाने के निर्देश दिए हैं। घायल सात में से दो की हालत चार गंभीर हैं।

शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव की प्रधान गुड्डी देवी यादव की बेटी सोनाक्षी की एटा के जैसरा गांव में अजीत यादव से रविवार को शादी होनी है। शनिवार को घर में बने मंडप की विवाह को लेकर रस्म चल रही थी। यहां पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। इसी के साथ घर के बरामदे में खाना बन रहा था। तभी अचानक एक सिलिंडर लीक होने से उसमें आग लग गई। आग लगने पर जब तक कोई कुछ समझ पाता दो अन्य सिलिंडरों ने भी आग पकड़ ली। जिससे वहां बैठीं महिलाओं में अफरा तफरी मच गई। पूरे घर में भड़की आग में कई महिलाएं फंसकर रह गईं। वहां पर जब तक ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जाता, तब तक सोनाक्षी की चचेरी दादी पूर्व प्रधान मुन्नी देवी, नानी अल्हागंज के फतेहपुर गांव निवासी गंगा देवी, ममेरी बहन कलान के जल्लापुर गांव निवासी नीलम और ममेरी बहन वंदना की मृत्यु हो गई। आग से झुलसे चचेरा भाई आलोक, फर्रुखाबाद के शमशाबाद निवासी बुआ मनोरमा समेत सात अन्य को फर्रुखाबाद के जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां वंदना तथा एक अन्य की हालत गंभीर बतायी जा रही है। वहां पर देर शाम एसडीएम सतीश चंद्रा व सीओ जलालाबाद मस्सा सिंह भी मौके पर पहुंचे।

पल में ही बदल गया माहौल

मंडप लग चुका था। हाथों में मेहंंदी सजाए सोनाक्षी सहेलियों व बहनों से घिरी बैठी थी। आगे की रस्मों की तैयारी चल रही थी। सोनाक्षी के जीवन में खुशियों का मौका आया था। शादी को लेकर उसने भी काफी तैयारियां की थीं, लेकिन कुछ ही पल में सबकुछ बदल गया। कुछ देर पहले जिस घर में हंसी ठिठोली हो रही थी वहां क्रंदन सुनाई दे रहा था। जिस सोनाक्षी के चेहरे पर खुशी से दमक रहा था, वह रोते बिलखते हुए बदहवास हो चुकी थी। रविवार को विवाह था, इसी कारण शनिवार को अधिकांश रिश्तेदार पहुंच चुके थे। घर में ढोलक पर बज रहे मंगलगीतों के साथ-साथ बीच-बीच में हंसी ठिठोली हो रही थी। तभी अचानक बाहर से चीख पुकार मची। कमरे में बैठी सोनाक्षी को समझ नहीं आया। बाहर आई तो वहां का दृश्य देख उसे गश ही आ गया। किसी तरह उसको साथ में मौजूद लोग बाहर लेकर आए। कुछ देर बाद सामान्य हुई तो अंदर फंसे लोगों के बारे में पूछने लगी। बार-बार अंदर जाने की जिद करने लगी। आग बुझने के बाद दादी, नानी व ममेरी बहनों की मृत्यु के बारे में पता चला तो खुद को कोसने लगी। उसे यकीन नहीं हो रहा था जो नानी व ममेरी बहनें उसकी शादी में शामिल होने आईं थीं। कुछ देर पहले जो दादी उसके पास बैठी थीं वे अब इस दुनिया में नहीं रहीं।

Edited By: Vivek Bajpai