बरेली, जेएनएन। तीन दिन बाजार बंदी के बावजूद बरेली में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत नहीं होने जा रही। लॉकडाउन की आशंका में आवश्यकता से अधिक खरीदारी करने वालों से व्यापारी खुद ही दावा कर रहे हैं कि बरेली में हफ्ते में तीन दिन बाजार बंद रहने से आटा, दाल, चावल, चीनी, रिफाइंड, तेल की आपूर्ति भरपूर रहने वाली है। शासन ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश में लॉकडाउन होने के बावजूद वहां से आने वाली खाद्य आपूर्ति बरकरार है।

क्या कहते हैंं व्यापारी 

स्टाफ के साथ समन्वय बनाकर काम करना है। आवश्यक वस्तुओं के लिए मनाही नहीं है। आटा तैयार करने के लिए कच्चा माल भरपूर आ रहा है। नई फसल आ गई, पुराना स्टाक भी है। समय पर थोक और फुटकर बाजार में आटा पहुंचाया जा रहा है।किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।-मोहित एरन, गोपाल भाेग आटा

गाजियाबाद, रुद्रपुर, कानपुर से बरेली में तेल आता है। निरंतरता रहती है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं रहेगी। तेल की खपत कम रहती है, इसलिए किल्लत नहीं होने जा रही है। प्रशासन भी बहुत सहयोग कर रहा है।-सचिन गुप्ता, तेल-रिफाइंड थोक विक्रेता

पीलीभीत, नवाबगंज, बहेड़ी से ही चीनी बरेली में आती हैं। कितने भी दिन की बाजार की बंदी रखी जाए। चीनी बाजार से गायब नहीं हो सकती है। लोगों को इत्मीनान रखना चाहिए।-निहार अग्रवाल, चीनी थोक विक्रेता

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में लॉकडाउन होने के बावजूद दाल-दलहन की आपूर्ति पूरी है, इसलिए कोई किल्लत नहीं होने चाहिए। बरेली के थोक बाजार में दालों का बड़ा स्टॉक मौजूद है। - अवधेश अग्रवाल, दाल थोक कारोबारी

Edited By: Samanvay Pandey