जागरण संवाददाता, बरेली : जिले में मलेरिया के खतरनाक प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। ऐसे में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को जिले भर से 444 नए मरीज इस बीमारी के पाए गए। इसमें दर्जन भर मरीज शहर में मिले हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग बुखार से दो और मौतें होना मान रहा है।

राज्य सरकार की टीम ने जिले में घूमकर सबसे पहले फॉल्सीपेरम के मरीजों की पहचान की थी। उसके बाद से लगातार आंकड़े बढ़ते जा रहा है। शनिवार रात तक करीब डेढ़ हजार फाल्सीपेरम के मरीज स्वास्थ्य विभाग के सामने आ चुके थे। रविवार को गांवों में 432, जिला अस्पताल में हुई जांच में नौ और संजय नगर में लगे कैंप में तीन मरीजों में यह खतरनाक मलेरिया होने की पुष्टि हुई है। इसके चलते अब संख्या दो हजार के करीब पहुंच गई है। जिले में रविवार को मलेरिया वाईवेक्स के करीब छह सौ मरीज सामने आए। जिला अस्पताल के फाल्सीपेरम वार्ड में चार मरीज भर्ती हैं।

मेडिकल कॉलेज भी भर्ती करेंगे मलेरिया के मरीज

जिले में बढ़ रही मलेरिया के मरीजों की संख्या व उनके बचाव के लिए रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। उन्होंने बताया कि जिले में फैल रहे मलेरिया के चलते जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं। इस पर मिशन अस्पताल ने 15 बेड, राजश्री हॉस्पिटल ने 50 बेड, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज ने 50 बेड का ऑफर जिला अस्पताल को दिया है। बैठक में एसआरएमएस, सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, मिशन हॉस्पिटल, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज, आइएमए के अध्यक्ष, सरन हॉस्पिटल, गंगाशील हॉस्पिटल, मेडिसिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर मौजूद रहे। साढ़े चार हजार बुखार के रोगियों को दिया इलाज

सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के अनुसार जिले में 71 टीमें बुखार प्रभावित गावों में कैंप कर रही है। इसमें बुखार के 4435 रोगियों को इलाज दिया गया है। 714 ब्लड स्लाइड बनाई गई, 4207 रोगियों की आरडीटी किट से जांच की गई, जिसमें 1055 मलेरिया रोगी पाए गए, जिनका इलाज चल रहा है। साढ़े तीन हजार से अधिक ओआरएस पैकेट, पांच हजरा से अधिक क्लोरीन की गोलियां बांटी गई हैं। छह गांवों में मच्छर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

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