यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमाग पर सीधा असर कर रहा खतरनाक वायरस
बुखार बेलगाम होता जा रहा है। ये दिमाग तक चढ रहा

जागरण संवाददाता, बरेली : बुखार बेलगाम होता जा रहा है। बुखार की कम मेडिकल हिस्ट्री में मरीज की मौत हो रही हैं। डेंगू जैसे लक्षण वाली बीमारी के बीच ही टायफाइड, मलेरिया, पीलिया भी मरीजों को जकड़ रहा। खतरनाक वायरस सीधे दिमाग पर असर कर रहा है। मरीज में किसी एक बुखार के कारण स्पष्ट न होने से इलाज कर रहे डॉक्टर भी हैरान हैं।
दो वायरस का एक साथ हमला
डॉक्टरों के मुताबिक मरीजों की जांच और स्लाइड के परीक्षण में किसी एक बुखार के लक्षण ही स्पष्ट नहीं आर है। मरीजों में तेजी से प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं, लेकिन उन्हें डेंगू नहीं है। मलेरिया पहले से पांच गुना तक बढ़ गया है। खास बात, मलेरिया जैसे बुखार के मरीजों में फैल्सीपैरम और वाईवैक्स दोनों पैरासाइट मिल रहे हैं। जबकि, पहले एक ही वायरस मिलता था। मरीजों में मलेरिया के साथ पीलिया भी पाया जा रहा है, जो काफी खतरनाक है।
निजी अस्पतालों वसूल रहे मनमानी फीस
जिला अस्पताल में एक फिजिशियन के पास करीब तीन सौ मरीज इलाज ले रहे हैं। रोजाना ओपीडी में ही दो से ढाई सौ मरीज पहुंच रहे हैं। पर्याप्त बेड न मिल पाने से निजी अस्पताल चांदी काट रहे हैं। मनमानी फीस वसूल रहे हैं।
किडनी व लीवर पर भी डाल रहा असर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि अब तक डेंगू का एक भी केस सामने नहीं आया। मरीजों में तेजी से प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। यह बुखार मरीज की किडनी और लीवर पर भी असर डाल रहा है। मलेरिया व टाइफाइड के मामले ज्यादा हैं। तेज पंखा चलाकर भी नहीं सोएं
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि बदलता मौसम वायरस को सक्रिय करने में सहायक होता है। 22 से 26 डिग्री तापमान इनके मुफीद होता है। इसलिए रात को तेज पंखा चलाकर न सोएं। एसी की कूलिंग भी कम रखें। शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें। घर के आसपास गंदगी नहीं होने दें। साफ पानी पीएं। कीटनाशक या चूने का छिड़काव करें।
