बालों का झड़ना न करें नजरअंदाज! पुरुषों ही नहीं, तेजी से महिलाओं को भी शिकार बना रहा गंजापन
पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी तेजी से गंजेपन का शिकार हो रही हैं, जिसके मुख्य कारण आनुवंशिक, प्रदूषण और पोषक ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज है।
HighLights
अधिकतर मरीजों को दवाइयों और प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (पीआरपी) से किया जा रहा ठीक
बाल कम होने की पीछे आनुवांशिक, प्रदूषण और गलत कास्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल
हिमांशु अग्निहोत्री, बरेली। घने और रेशमी बाल किसी भी महिला की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। वहीं, अगर इनका अभाव हो तो कहीं न कहीं आत्मविश्वास भी डगमगाने लगता है। आजकल युवावस्था में गंजेपन की समस्या केवल पुरुषों तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि महिलाएं भी तेजी से इसका शिकार हो रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बालों के झड़ने के पीछे 90 प्रतिशत कारण आनुवांशिक (जेनेटिक) होते हैं, जबकि 10 प्रतिशत भूमिका प्रदूषण, बिना परामर्श कास्मेटिक का इस्तेमाल और असंतुलित खान-पान और अनियमित दिनचर्या की होती है।
वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. शरद खंडेलवाल के अनुसार, उनके क्लिनिक में हर महीने आने वाले करीब 120 मरीजों में से 45 महिलाएं गंजेपन की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। पुरुषों और महिलाओं में गंजेपन के स्वरूप में अंतर होता है।
पुरुषों में प्रदूषण और जेनेटिक के अलावा मुख्य रूप से डाईहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) हार्मोन के कारण आगे से बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं, जिसके लिए अक्सर हेयर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है।
इसके विपरीत, महिलाओं में बाल जड़ से पूरी तरह खत्म नहीं होते, इसलिए उन्हें अधिकतर दवाइयों और प्लेटलेट रिच प्लाज्मा ( पीआरपी) थेरेपी के जरिए ठीक किया जा सकता है। इसमें मरीज के खून से ही थेरेपी दी जाती है।
पोषक तत्वों की कमी से चमक खो रहे बाल
युवतियों में बाल झड़ने और उनकी चमक खत्म होने के पीछे मुख्य रूप से शरीर में निम्नलिखित पोषक तत्वों की कमी देखी जा रही है। इसमें विटामिन बी12 और विटामिन सी, बायोटीन, कैल्शियम शामिल है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, हार्मोनल असंतुलन और पोषक तत्वों की कमी ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। महिलाओं के लिए उपचार की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित है। अधिकांश मामलों में 4 से 6 महीने के मेडिकल कोर्स से सुधार देखा जाता है।
पीआरपी थेरेपी बालों के विकास के लिए प्रभावी विकल्प है। यदि स्थिति गंभीर हो, तो केवल 6 से 8 घंटे में हेयर ट्रांसप्लांट किया जा सकता है, हालांकि महिलाओं में इसकी आवश्यकता बहुत कम पड़ती है।
संतुलित पोषण और तनाव मुक्त जीवनशैली से मिलती है राहत
विशेषज्ञों ने बालों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए प्राकृतिक आहार पर जोर दिया है। महिलाओं को अपनी डाइट में मेथी दाना, शहद और आंवला को नियमित रूप से शामिल करने की सलाह दी गई है। संतुलित पोषण और तनाव मुक्त जीवनशैली ही इस बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान है।
उपचार से बचने के लिए लगवा रहे पैच
गंजेपन और बालों के झड़ने की समस्या महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है। महंगे हेयर ट्रांसप्लांट या दवाओं के लंबे उपचार के बजाय, अब महिलाएं हेयर पैच (नकली बालों) को भी प्राथमिकता दे रही हैं।
यह तकनीक न केवल किफायती है, बल्कि इससे तुरंत मनचाहा लुक भी मिल जाता है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि हेयर पैच पूरी तरह से प्राकृतिक उपचार नहीं है। इसे सुंदर और सुरक्षित बनाए रखने के लिए समय-समय पर पेशेवर सफाई और सही रख-रखाव अत्यंत आवश्यक है, ताकि स्कैल्प में संक्रमण न हो।
गलत कास्मेटिक उत्पाद नुकसानदेह
वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ और जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा. त्रिभुवन प्रसाद बताते हैं कि महिलाओं में बाल झड़ने या गंजापन होने का प्रमुख कारण पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, प्रदूषण और बिना परामर्श कास्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल है। वहीं, तनाव भी बालों को नुकसान पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।
हीन भावना और आत्मविश्वास की कमी
राजेंद्र नगर निवासी 29 वर्षीय युवती एक कंपनी में फ्रंट डेस्क वर्क करती है। कंपनी के कार्य से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों से मिलती हैं लेकिन सिर के आगे के हिस्से में बाल कम होने की वजह से कहीं न कहीं आत्मविश्वास की कमी लगती थी। इस कारण उपचार कराया।
शादी से पहले कराया उपचार
रामपुर गार्डन निवासी 33 वर्षीय शिक्षिका की शादी होने वाली है। उनके बाल लगातार चमक खो रहे हैं और झड़ भी रहे हैं। ऐसे में वह पीआरपी थेरेपी करवा रही हैं, जोकि रक्त की जांच के बाद स्थायी समाधान रूप में किया जा रहा है। उनकी दिसंबर में शादी होनी है, ऐसे में लगातार कम होते बालों से हीन भावना उत्पन्न हो रही थी।
कालेज जाने वाली छात्रा भी गंजेपन का शिकार
शहर के निजी कालेज में स्नातक में पढ़ने वाला वाली 21 वर्षीय छात्रा लंबे समय से बालों के घनत्व कम होने की समस्या से ग्रसित थी। कक्षा में अन्य छात्राओं को देखकर वह खुद को कमतर आंकने लगी थी। उसका रक्त नमूना लेकर जांच की गई तो पता चला कि पोषक तत्वों की कमी से यह दिक्कत हो रही है। दवाओं से उपचार चल रहा है।
रिश्ते के लिए भेजे फोटो में भी कम दिख रहे बाल
डीडीपुरम निवासी 28 वर्षीय युवती नोएडा की एक कंपनी में कार्य कर रही है। घर वाले उसका रिश्ता ढूंढ रहे हैं। सिर में आगे के हिस्से में थोड़े कम बाल होने की वजह से फोटो में भी ये स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इसका उपचार करने के लिए दवाओं का सेवन कर रही हैं।
