बरेली, जेएनएन। शाहजहांपुर में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पराली जलाने पर रोक लगा रखी है। शासन, प्रशासन पराली प्रबंधन के लिए जागरूकता अभियान, संगोष्ठी समेत विविध माध्यम से किसानों को पराली के सदुपयोग को प्रेरित कर रहा है। लेकिन रबी फसल की जल्द बुवाई के लिए किसान पराली जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने से बाज नहीं आ रहे। प्रदेश की कुल घटनाओं में अकेले शाहजहांपुर में दो तिहाई से अधिक घटनाएं हो चुकी है। इनमें पुवायां तहसील में 60 फीसद घटनाएं हुई। शासन ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने मामले में पुवायां एसडीएम से जवाब भी तलब किया। प्रशासन ने किसानों से 1.02 लाख का जुर्माना भी वसूलने के साथ तीन कंबाइन मशीनों काे भी सीज कर दिया है।

पंजाब में 614, हरियाणा में 101 व पुवायां तहसील में 58 घटनाएं

देश में पंजाब 614 पराली जलाने की घटनाओं के साथ देश में नंबर वन पर है। यूपी में मिनी पंजाब से चर्चित सिख बहुल पुवायां तहसील में प्रदेश की 96 घटनाओं के सापेक्ष 58 घटनाएं हुई हे। जो कि करीब प्रदेश के सापेक्ष्ज्ञ 60 फीसद है। हरियाणा में 101 घटनाएं दर्ज हुई है।

प्रदेश में रामपुर दूसरे व लखीमपुर खीरी तीसरे स्थान पर

रामपुर में पराली जलाने की 9 घटनाओं के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। जबकि लखीमपुर खीरी 5 घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है। पीलीभीत में अभी तक दो लोगों ने ही पराली जलाई हे।

एफआइआर पर रोक से बढ़ी घटनाएं, 1.02 लाख जुर्माना

प्रदेश सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं एफआइआर दर्ज कराने से रोक लगा दी है। अब 15 हजार जुर्माना के साथ कंबाइन ही सीज की जा सकती है। नतीजतन प्रशासन अब तक एक लाख दो हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूल चुका है। तीन कंबाइन भी सीज की जा चुकी है। लेकिन घटनाओं पर विराम नहीं लग रहा है।

फैक्ट फाइल

- 5.53 किसान है जनपद में

- 852 कुल कंबाइन मशीन

- 700 कंबाइन मशीन है पुवायां में

- 03 कंबाइन सीज हो चुकी है

- 55 कंबाइन एसएमएस, मल्चर से युक्त

 66 शाहजहांंपुर

58 पुवायां

09 रामपुर में

02 पीलीभीत,

05 लखीमपुर खीरी

पराली जलाने की घटनाओं देश व प्रदेश में प्रथम प्रदेश व जनपद

देश में

पंजाब : 614

हरियाणा : 101

उत्तर प्रदेश : 96

प्रदेश में

शाहजहांपुर : 96

रामपुर : 09

लखीमपुर खीरी : 05

पीलीभीत : 02

पराली जलाने में शाहजहांपुर शर्मनाक स्थिति में है। यहां 66 घटनाएं हो चुकी है। जबकि प्रदेश में कुल 96 घटनाएं हुई है। यह चिंतनीय भी है। हालांकि 1.02 लाख जुर्माना के साथ तीन कंबाइन मशीन सीज की जा चुकी है। लेकिन पराली जलाना भावी पीढ़ी व प्रकृति के साथ अन्याय है। किसानों को अनुदान पर मिल रहे उपकरणों की मदद से पराली प्रबंधन कर पर्यावरण व भूमि की उर्वरा शक्ति के संरक्षण पर ध्यान देना होगा। इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी

Edited By: Ravi Mishra