जेएनएन, शाहजहांपुर : आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन ने धान खरीद का नया रिकॉर्ड बनाया है। 36.10 लाख क्विंटललक्ष्य के सापेक्ष 37.54 लाख क्विंटलधान की खरीद कर 104 फीसद का आंकड़ा छूकर पिछड़े सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा के बीच रिकॉर्ड खरीद कैसे हो गई, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। बहरहाल सूबे में सर्वाधिक धान खरीद के साथ शाहजहांपुर एक बार फिर राइस किंग बन गया है।

खरीद का लक्ष्य पूरा, बंद किए गए 150 क्रय केंद्र : जनपद में 180 धान खरीद केंद्र खोले गए। खरीद लक्ष्य पूरा होने पर 150 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। वर्तमान में रोजा, पुवायां, बंडा, जलालाबाद, तिलहर, कलान तथा जलालाबाद मंडी में लगे क्रय केंद्र ही संचालित है। इन केंद्रों पर भी प्रभारी खरीद में टालमटोल कर रहे हैं।

सहकारी समितियों के केंद्रों पर 248 फीसद खरीद : किसानों से धान खरीद में आगे रहने वाला विपणन विभाग इस बार समितियों से पिछड़ गया। समिति के 14 क्रय केंद्रों पर दिन में भले ही सन्नाटा रहा तो, लेकिन 347747 क्विंटलधान खरीद से पिछड़े सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। जबकि प्रशासन के सीधे नियंत्रण में रहने वाली विपणन शाखा पर 80.74 फीसद धान खरीद हुई।                                                                                

उप्र. राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम एसएफसी के 12 केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष 123 फीसद, कर्मचारी कल्याण निगम के 6 केंद्रों पर 120 फीसद तथा पीसीयू के 33 केंद्रों पर 106 फीसद धान खरीदा गया। जबकि यही केंद्र सर्वाधिक चर्चा में रहे।

लक्ष्य में एफसीआइ व मात्र में आरएफसी अव्वल : आरएफसी के 32 क्रय केंद्रों पर सर्वाधिक 10 लाख 98 हजार 752 क्विंटलधान खरीदा गया। जो कि लक्ष्य के सापेक्ष 80.74 फीसद है। लेकिन एफसीआइ ने 7 केंद्रों के माध्यम से 163622 क्विंटल धान की खरीद कर 305 फीसद खरीद का आंकड़ा छू लिया। समितियों ने 14 क्रय केंद्रों पर आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष 248 फीसद खरीद की। जबकि दोनों खरीद एजेंसी मात्र की दृष्टि से आरएफसी से काफी पीछे हैं।

तीन साल में सर्वाधिक खरीद : इस वर्ष धान खरीद गत वर्षों के मुकाबले सर्वाधिक है। वर्ष 2017 में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 41.84 फीसद ही खरीद हो सकी। नतीजतन 2018 में लक्ष्य घटाने के बावजूद 15 लाख 81 हजार क्विंटलधान खरीदा जा सका। इस वर्ष खरीद 37 लाख क्विंटल का आंकड़ा पार कर गई।

मंडी में धान खरीद का सच : लक्ष्य के सापेक्ष 104 फीसद धान खरीद हो चुकी है। इस कारण 150 खरीद केंद्रों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। केवल मंडी समितियों में लगे क्रय केंद्रों पर अब धान की बिक्री हो सकेगी। शासन से लक्ष्य बढ़ाए जाने की दशा में खरीद को शुरू किया जा सकता है। - अमर पाल सिंह , अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

 

Posted By: Abhishek Pandey

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