बरेली, जेएनएन। प्लाईवुड कारोबारी संजीव गर्ग की हत्या के आठ दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। सौ से ज्यादा कैमरों की फुटेज, सीडीआर व मृतक की गाड़ी में लगे जीपीएस जांचने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसी के बाद शुक्रवार को एडीजी जोन राजकुमार ने कारोबारी की हत्या के राजफाश की खुद कमान संभाली। फोर्स के साथ वह कारोबारी की फैक्ट्री पहुंचे, यहां उसके बेटे से बंद कमरे में पूछताछ के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिर फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचकर जांच में लगी टीमों को राजफाश के संबंध में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच तेज करने के निर्देश दिये।

21 जनवरी को प्रेमनगर के रहने वाले प्लाईवुड कारोबारी संजीव गर्ग की हत्या कर दी गई थी। उनका शव फतेहगंज पश्चिमी की एक सुनसान रोड पर मिला था। शुक्रवार दोपहर एडीजी राजकुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह समेत पूरी टीम के साथ मृतक संजीव की परसाखेड़ा स्थित फैक्ट्री में पहुंचे। मृतक कारोबारी के बेटे शुभम गर्ग से बंद कमरे में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान फैक्ट्री में मौजूद उद्यमी के भतीजे को भी बाहर कर दिया गया। जिस समय यह पूछताछ चल रही थी, उस समय केवल आला अधिकारी ही कमरे में मौजूद थे। करीब 20 मिनट तक शिवम से कई बिंदुओं पर पूछताछ हुई। इसके बाद एडीजी ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। यहां के बाद वह फतेहगंज पश्चिमी थाने पहुंचे, पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी के बाद कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम के निर्देश दिये। हत्यारों के सुराग के लिए पंजाब व उत्तराखंड में भी टीम सक्रिय की गई है।

वाट्सएप कालिंग से रची गई हत्या की बुनियाद: सौ से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज, तमाम मोबाइलों की सीडीआर देखने के बाद भी पुलिस को कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। इसी के बाद संभावना जताई जा रही है कि हत्या करने वाले भाड़े के हत्यारों और साजिश रचने वालों के बीच वाट्सएप काल के जरिए बातचीत हुई होगी, जिसके रिकार्ड नहीं मिल सके। इस वजह से किसी भी सीडीआर रिकार्ड में कोई खास बात पुलिस को पता नहीं चली।

पंजाब व उत्तराखंड भेजी गईं टीमें: प्लाईवुड कारोबारी की हत्या में पुलिस को पहले से ही भाड़े के हत्यारों पर शक है। सीसीटीवी फुटेज जारी करने के बाद भी पुलिस को आरोपित की पहचान नहीं हो पा रही है। हत्यारे की पहचान के लिए दो टीमों ने पंजाब व उत्तराखंड में भी डेरा डाल दिया है। फोटो के आधार पर हत्यारोपित की पहचान में पुलिस जुटी हुई है।

पुलिसिया अंदाज में हो पूछताछ तो खुल जाएंगे सारे राज: संजीव गर्ग की हत्या पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। हाईप्रोफाइल मर्डर केस होने के चलते पुलिस स्वजन व उनके परिचितों से सही ढंग से पूछताछ नहीं कर पा रही है। पुलिस के ही कुछ लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि यदि मृतक के स्वजन व उनके परिचितों से पुलिसिया अंदाज में पूछताछ हो तो पूरा मामला जल्दी खुल जाएगा लेकिन, अधिकारियों के निर्देश न होने के चलते राजफाश में लगी सभी टीमें फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं। वीर सावरकर नगर में रहने वाली उद्यमी की महिला मित्र ने पहले ही स्वजन पर हत्या करने का शक जताया है।

क्‍या बोले एडीजी: एडीजी बरेली जोन राजकुमार ने कहा कि कारोबारी के हत्याकांड में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है। हाथ लगे सुराग पर पुलिस को जांच के निर्देश दिये गए हैं। जल्द ही हत्याकांड का राजफाश कर दिया जाएगा।

Edited By: Vivek Bajpai