जेएनएन, बरेली : इंजीनियरिंग के छात्रों का विषय एनिमल साइंस, शिक्षा विभाग में इंजीनियरिंग की पढ़ाई। यह कोई गड़बड़ी नहीं, बल्कि समय की मांग के अनुसार शिक्षण में नवाचार है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में अगले सत्र से स्नातक और परास्नातक के सभी कोर्स में च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा। छात्र विश्वविद्यालय में संचालित अन्य कोर्स की पढ़ाई भी कर पाएंगे। यह फैसला मंगलवार को कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला की अध्यक्षता में हुई इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आइक्यूएसी) की बैठक में हुआ।

बैठक में तय हुआ कि इसके लिए सभी कोर्स के बोर्ड ऑफ स्टडीज में क्रेडिट सिस्टम पास कराएंगे। फिलहाल एमबीए में ही सीबीसीएस सिस्टम लागू है। इसके अलावा छात्रों को रोजगार व इंटर्नशिप के मौके उपलब्ध कराने को विभिन्न इंडस्ट्री से समझौता करेंगे। छात्रों की पढ़ाई में इंडस्ट्री विजिट को अनिवार्य करेंगे। बैठक में आइक्यूएसी की कोआर्डिनेटर डॉ. क्षमा पांडेय, राधेश्याम खंडेलवाल, विनय खंडेलवाल, डॉ. पंकज अग्रवाल, प्रो. संजय मिश्र, प्रो. संजय गर्ग, डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. विनय ऋषिवाल, डॉ. एके सिंह, डॉ. नीरज, विमल कुमार, आभा त्रिवेदी, रुचि द्विवेदी, कामिनी विश्वकर्मा मौजूद थे।

 

Posted By: Abhishek Pandey

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