बरेली, जेएनएन : नगर निगम को पेट्रोल पंप से तेल सप्लाई मामले में शहर विधायक की मुश्किलें बढ़ गई है। अब इस मामले में निर्णय चुनाव आयोग लेगा। राज्यपाल ने इसके लिए प्रमुख सचिव भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। यह शिकायत राज्यपाल से कानून गोयान निवासी राजेंद्र प्रसाद ने की थी। मंगलवार को दो पूर्व पार्षद और एक भाजपा पार्षद ने चुनाव आयोग को प्रत्यावेदन भेजा है, जिसमें शहर विधायक को सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

पूर्व पार्षद मुनीश शर्मा ने बताया कि शहर विधायक की सदस्यता खत्म करने का प्रत्यावेदन पहले विधानसभा अध्यक्ष को भेजा। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करने में असमर्थता व्यक्त की। फिर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष ले जाने को कहा। इसके बाद राज्यपाल को इस मामले में प्रत्यावेदन भेजा गया। राज्यपाल के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव हेमंत राव ने प्रमुख सचिव भारत निर्वाचन आयोग का पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को प्रमुख सचिव भारत निर्वाचन आयोग को भी प्रत्यावेदन भेजा है। कहा है कि नगर निगम के अधिनियम के अनुसार पदेन सदस्य नगर निगम से वित्तीय लाभ नहीं ले सकते हैं, लेकिन शहर विधायक ने ऐसा किया है। इसलिए उनकी सदस्यता खत्म की जानी चाहिए। यह मांग भाजपा पार्षद विपुल कुमार अग्रवाल और पूर्व राजेंद्र तिवारी ने भी की है।

मेरे संज्ञान में नहीं : शहर विधायक

शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि पेट्रोल पंप प्रकरण की शिकायत राज्यपाल से हुई है। उनके स्तर से मामला चुनाव आयोग को भेजा गया है। यह बात मेरे संज्ञान में नहीं है। 

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Posted By: Abhishek Pandey

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