यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से आठ की मौत, अस्पताल में बेड फुल
पूरे जिले को बीमारियों ने बेहाल कर दिया।

जागरण संवाददाता, बरेली: पूरे जिले को बीमारियों ने बेहाल कर दिया। शहर से लेकर गांव तक हालात बेहद खराब हैं। आंवला में तेज बुखार से तप रहे आठ लोगों की मौत हो गई। जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए भीड़ पहुंच रही। हालात ऐसे हैं कि वहां एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती करने पड़ रहे। डायरिया पीड़ितों की संख्या इतनी ज्यादा है कि दवाएं कम पड़ रहीं।
भमोरा के मुकेश पुत्र लेखराज श्रीवास्तव की पत्नी सरिता गर्भवती थीं। वह रक्षाबंधन पर मायके गई थीं। वहां उन्हें बुखार आ गया। मुकेश उसे वहां से बुला लाया। उसका इलाज बरेली करा रहा था। वहां उसे डेंगू व मलेरिया बताया गया। गुरुवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
अलीगंज: अलीगंज क्षेत्र में दो छात्रों सहित तीन की बुखार के चलते मौत हो गई। ग्राम बीबनी में चेतराम के दस वर्षीय पुत्र मुकेश को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को बरेली ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मुकेश कक्षा चार का छात्र था। ग्राम प्रधान देशपाल ने बताया कि गांव में वायरल व मलेरिया का प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया है लेकिन यहां कोई कैम्प नहीं लगाया गया। इसी क्षेत्र की ग्राम बिहारीपुर की सीता पत्नी जीराज को तीन दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। दो साल पहले उनका विवाह हुआ था। ग्राम खैलम के सूफीखान के 12 वर्षीय पुत्र जीशान खान की बुखार से मौत हो गई।
सिरौली: ग्राम बड़ागांव में ओमकार सागर की बुखार के चलते शुक्रवार को मृत्यु हो गई। मझगवां क्षेत्र के अधिकतर ग्रामों में वायरल का प्रकोप है, लेकिन चिकित्सकीय सेवाएं दम तोड़ रही हैं।
विशारतगंज: इसक्षेत्र के ग्राम जैतपुर शरीफपुर में शुक्रवार को जोगराज की 55 वर्षीय पत्नी सोवक का निधन हो गया। वह कई दिन से बुखार की चपेट में थीं। वहीं वार्ड चार के पूर्व सभासद रमेश के पिता साहब सिंह की बुखार के चलते मौत हो गई। उनका बरेली में इलाज चल रहा था। उधर, गांव बेहटा में बुखार के कारण शब्बन की मौत हो गई।
