संस, मीरगंज/दुनका (बरेली) : मीरगंज के मंडवा वंशीपुर गांव में हुई ऑनर किलिंग की घटना जांच में झूठी निकली। सीओ सीमा यादव ने जांच में पाया कि मामला ऑनर किलिंग का नहीं है। सोमवार को उन्होंने गांव पहुंचकर परिजन, प्रेमी, डॉक्टर व छात्रा के सहपाठी व स्कूल के प्रधानाचार्य व शिक्षकों से पूछताछ की। शाही पुलिस ने जीडी में तस्करा डाल छात्रा की मौत को इत्तफाकिया बताया है। वहीं एसपी देहात ने बताया कि छात्रा के घर में रखा जहर पीने की बात सामने आई है।

सीओ सीमा यादव सोमवार को मंडवा वंशीपुर गाव पहुंचीं। उन्होंने थाना प्रभारी हरिशकर सिंह को साथ लेकर उस स्थान को देखा जहा मृतका के शव का अंतिम संस्कार किया गया था। सीओ ने उन लोगों से बात की जो अंतिम संस्कार के समय शामिल रहे थे। वह करीब एक घटा गाव में रहीं। इस दौरान उन्होंने मृतका के परिजनों से अलग-अलग बात कर मौत का कारण जानना चाहा। सीओ ने मृतका के कथित प्रेमी अरुण से भी पूछताछ की। सीओ ने छात्रा के पिता व भाई से भी पूछताछ की। सीओ ने स्कूल जाकर छात्राओं व शिक्षकों, प्रधानाचार्य से भी तमाम बिंदुओं पर बातचीत की। गाव स्थित डॉ. कामता प्रसाद ने बताया उनके पास जिस समय छात्रा को लाया गया था, उस समय वह जीवित थी। यहां के बाद सीओ सहोड़ा गांव गई। यहां डॉ. मंगल सेन ने बताया कि छात्रा को जीवित स्थिति में लाए जाने की बात कही। सीओ ने कस्बा दुनका स्थित डा. वेद प्रकाश शर्मा व नसरुद्दीन के यहां पहुंचकर भी पूछताछ की। यहां भी छात्रा के जीवित आने की बात कही गई थी। उसके बाद सीओ राजश्री मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचीं। जहां उन्हें बताया गया कि छात्रा का इस अस्पताल में इलाज चल रहा था। सीओ सीमा यादव ने बताया कि अब तक कि जाच में ऑनर किलिंग की बात सामने नहीं आई है। पुलिस जाच कर रही है। करीब 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। घर में कीटनाशक दवा पीने से छात्रा की मौत होने की बात सामने आई है।

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