जागरण संवाददाता, बरेली: सर्जिकल आइटम कालाबाजारी में फंसे अजय मेहता की प्रतिष्ठान मेहता सर्जिकल का लाइसेंस आखिरकार ड्रग विभाग ने निरस्त कर दिया। दी गई मोहलत में सर्जिकल आइटम की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज ड्रग विभाग के सामने पेश नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है। गुरुवार को सील दुकान को खोलकर अजय मेहता और उनके साझेदार सर्जिकल आइटम को गाड़ियों में भरवाकर दिनभर शिफ्ट करवाते रहे। अगर उन्हें सर्जिकल आइटम का ही व्यवसाय करना है तो नए सिरे से लाइसेंस लेना होगा। दुकान खुली देखकर डीडीपुरम समेत दवाओं के थोक बाजार शास्त्री मार्केट तक लाइसेंस के कैंसिल होने की चर्चा रही।

दैनिक जागरण ने कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सर्जिकल आइटम की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया था। डीडीपुरम के मेहता सर्जिकल का स्टिग करके खबर प्रकाशित की थी। एसडीएम सदर विशु राजा और ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा की छापामारी में मेहता सर्जिकल के संचालक अजय मेहता एक्सपायर हो चुकी पीपीई किट को दोबारा नई पैकिग कराते हुए मिले। दवाएं और सर्जिकल आइटम पर दोबारा लेवलिग की पुष्टि हुई। पैकेजिग का लाइसेंस उनके पास नहीं था। इसके बाद सहायक ड्रग आयुक्त संजय कुमार ने अजय मेहता को बिल बुक, बिल्टी और खरीद-फरोख्त के दस्तावेज दिखाने के लिए 10 दिन तो दिए, लेकिन अग्रिम आदेशों तक लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। डीडीपुरम स्थित मेहता सर्जिकल प्रतिष्ठान छापामारी के बाद से ही बंद चल रही थी। गुरुवार को लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद अजय मेहता दिनभर सामान शिफ्ट कराते देखे गए।

छह आरोपितों को मिली थी कोर्ट से जमानत

अजय मेहता, उनकी पत्नी सोनिका मेहता, बेटे सुशांत मेहता, उनके भाई सुनील मेहता समेत स्वजनों के नाम पर लाइसेंस लिया गया था। पुलिस इस मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी करती। इससे पहले अजय मेहता की जमानत अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली।

वर्जन

अजय मेहता को बिल बुक, बिल्टी और खरीद-फरोख्त के दस्तावेज दिखाने के लिए मौका दिया था, लेकिन उन्होंने ड्रग विभाग को लिखकर अपना जवाब नहीं भेजा। इसके बाद उनका लाइसेंस कैंसिल करने की कार्रवाई हुई है।

- संजय कुमार, ड्रग आयुक्त