बरेली, जेएनएन : केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना का पायलट प्रोजेक्ट बरेली में भी चलेगा। योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद सम्पत्ति संबंधी विवादों में न केवल कमी आएगी, बल्कि इसका निपटारा भी जल्द हो जाएगा। पहले चरण में सर्वे का काम अगल-बगल के पांच गांवों में होगा। इसकी शुरुआत मीरगंज से होगी। ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों के सर्वेक्षण में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे 31 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गृहस्वामियों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराया जाएगा। यह उन्हें बैंकों से ऋण लेने व अन्य वित्तीय लाभों के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाएगा। व्यक्तिगत ग्रामीणों की संपत्ति के सीमांकन के अलावा ग्राम पंचायतों व सामुदायिक संपत्ति जैसे गांव की सड़कें, तालाब, नहरें, खुले स्थान, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य उपकेंद्र आदि का भी सर्वेक्षण किया जाएगा। यही नहीं इससे जीआइएस मानचित्र भी बनाए जाएगा। योजना का मकसद संपत्ति संबंधी विवादों व कानूनी मामलों को कम करना है। पहले चरण के बाद बाकी के गांवों में सर्वे के लिए कार्य योजना कुछ चरणों में तैयार की जाएगी। एक अगस्त से 15 अगस्त, 16 अगस्त से 31 अगस्त, एक सितंबर से 15 सितंबर और 16 सितंबर से 30 सितंबर तय किया गया है। स्वामित्व योजना के तहत सर्वे का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। इससे आबादी क्षेत्रों में स्वामित्व का अभिलेख तैयार किया जाएगा।

एडीएम प्रशासन वीके सि‍ंंह ने बताया क‍ि‍ मीरगंज के गांवों से ड्रोन सर्वेक्षण की शुरुआत की जा रही है। आस-पास के पांच गांवों में काम पहले पूरे कराए जाएंगे।   

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