बरेली, जेएनएन। Driving Licence News : परिवहन विभाग से लाइसेंस जारी कराने के लिए पहले आनलाइन टेस्ट देना होता है। ऐसे में सबसे ज्यादा वह छात्र फेल हो रहे हैं जो कि पढ़े लिखे हैं। विभाग के मुताबिक एक दिन में 250 लोगों का स्लाट वर्तमान में परीक्षा के लिए बुक होता है। जिसमें से केवल 150 ही परीक्षा देने आते हैं। इसमें प्रतिदिन 30 से 40 आवेदन कर्ता ही आनलाइन परीक्षा में पास हो रहे हैं। फेल होने वाले आवेदकों में सबसे ज्यादा बीए, एमए, एमबीए, इंजीनियरिंग के छात्र है। जबकि परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस के लिए कराए जाने वाले सामान्य तार्किक टेस्ट में फेल हो रहे हैं।

जुलाई माह की बात करें तो 75 फीसद से ज्यादा आवेदक टेस्ट में फेल हुए हैं। इन सभी को फिर से टेस्ट देने का मौका 50 रुपये की फीस जमा करने के बाद मिलेगा। परिवहन विभाग की ओर से व्यवस्था है कि कोई भी नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करता है तो उसे पहले लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाता है। इस लाइसेंस के लिए आवेदक को विभाग की तमाम प्रक्रिया पूरी करने सहित आनलाइन टेस्ट देना होता है। इस टेस्ट में 15 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए 30 सेकेंड का समय दिया जाता है। 15 में से नौ प्रश्नों का सही जवाब देना अनिवार्य है, जिसके आधार पर आवेदक को पास माना जाता है। अगर, कोई नौ से कम प्रश्नों का सही जवाब देता है तो उसे फेल करार दे दिया जाता है। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए 30 सेकेंड का समय दिया जाता है।

फेल होने पर देने होते हैं 50 रुपये

लर्निंग लाइसेंस टेस्ट में फेल होने पर आवेदक को दुबारा टेस्ट देने का मौका दिया जाता है। हालांकि इसके लिए 50 रुपये की फीस देनी पड़ती है। जबकि 29 दिसंबर 2016 से पहले तक दुबारा परीक्षा में बैठने के लिए फीस नहीं ली जाती थी। इसके बाद केंद्रीय परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा में बैठने वाले फेल आवेदकों के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया।

केवल ध्यान देने की जरूरत

आरटीओ के आरआइ टेक्निकल मानवेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि हैरान करने वाली बात है कि पढ़े लिखे लोग परिवहन विभाग के सामान्य तार्किक टेस्ट को पास नहीं कर पा रहे हैं। जबकि यह परीक्षा बहुत आसान है। यातायात संकेत, वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, पार्किंग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। जिसे आवेदक पास नहीं कर पाते हैं। जिसे पास कराने के लिए कई सिफारिश भी आती हैं। जबकि इंटरनेट मीडिया व कार्यालय परिसर में लगे सांकेतिक बैनर आदि को देखकर परीक्षा उत्तीर्ण की जा सकती है।

Edited By: Ravi Mishra