जेएनएन, बरेली : बरेली कॉलेज प्रबंधन ने कयासों पर विराम लगाते हुए डॉ. अनुराग मोहन भटनागर को प्राचार्य बना दिया है। शनिवार को निवर्तमान प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने अपना कार्यकाल पूरा होने से नौ दिन पहले ही डॉ. अनुराग को प्राचार्य का कार्यभार सौंप दिया। वहीं, वरिष्ठता क्रम के आधार पर प्राचार्य पद की सबसे प्रबल हकदार डॉ. पूर्णिमा अनिल को प्रबंधन ने नजरंदाज किया है।

प्रबंधन के इस फैसले पर प्रश्न भी उठ रहे हैं। क्योंकि डॉ. पूर्णिमा अनिल की अनदेखी से एक इतिहास भी बनने से रह गया। अगर उन्हें जिम्मेदारी मिलती तो कॉलेज के इतिहास में पहली महिला प्राचार्य होतीं। हालांकि, डॉ. अनुराग मोहन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रबंधन का निर्णय है।

इससे पूर्व भी कई वरिष्ठ शिक्षकों के बजाय उनसे जूनियर प्राचार्य बनते रहे हैं। क्योंकि वरिष्ठता के अलावा भी प्रबंधन उनकी अन्य क्षमताओं को देखता होगा। निवर्तमान प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा हों या फिर पूर्व प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव। प्राचार्य रह चुके ऐसे कई अन्य उदाहरण भी हैं।

वहीं, प्राचार्य की दौड़ में रहीं डॉ. पूर्णिमा अनिल ने प्रबंधन के इस फैसले पर हैरत जताई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान चला रहे हैं, दूसरी ओर महिलाओं के अधिकार छीने जा रहे हैैं। यह उचित नहीं है। 

प्रबंधन के साथ नियुक्ति पर भी विवाद 

बरेली कॉलेज प्रबंधन का विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच प्रबंधन ने वरिष्ठता क्रम को नजरंदाज कर एक नए विवाद को हवा दे दी है। शिक्षकों के मुताबिक, प्रबंधन कुछ समय के लिए किसी को भी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंप सकता है। 

प्रबंधन ने मुझे जो दायित्व सौंपा है। उसका निर्वहन करेंगे। 

-डॉ. अनुराग मोहन भटनागर, प्राचार्य बरेली कॉलेज

Posted By: Abhishek Pandey

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