जेएनएन, बरेली : उपकृषि निदेशक पर मशीनरी यंत्र और योजनाओं में घोटाले की शिकायत की गई। जिसके बाद डीएम ने मामले की जांच संयुक्त कृषि निदेशक को सौंपी मगर उनके इन्कार करने पर दूसरे अधिकारी मामले की जांच करेंगे।

ग्राम राजपुर के रहने वाले वेदराम सिंह ने आरोप लगाया था कि अशोक यादव उपकृषि निदेशक (कृषि रक्षा) बरेली वित्तीय साल 2017-18 में प्रभारी उपकृषि निदेशक बदायूं के पद पर भी रहे। तब उन्होंने फार्म मशीनरी बैंक योजना और दूसरी विभागीय किसानों को दिए जाने वाले अनुदान की योजनाओं में घोटाला किया।

आरोप है कि उन्होंने प्रशिक्षण नहीं कराया, उस पर खर्च होने वाली धनराशि हड़प ली। जनपद, तहसील, ब्लाक और न्याय पंचायत स्तर पर लगने वाले किसान मेलों के लिए आने वाले पैसे में हेराफेरी का आरोप लगाया। वहीं 2018-19 में बीज की मिनी किट किसानों को देने की बजाय बाजार में बेच दी गई।

उन्होंने यह शिकायत पिछले साल नवंबर में प्रमुख सचिव व मुख्यमंत्री से की थी। जिसके बाद शासन ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई। डीएम ने जांच के आदेश संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार गौतम को दिए थे।

15 जनवरी को उन्होंने जांच करने से यह कहकर मना कर दिया कि शिकायतकर्ता ने कृषि विभाग के अलावा किसी दूसरे विभाग के अधिकारी से जांच कराने के लिए कहा है। अब किसी अन्य से जांच कराई जाएगी। आरोपों के बाबत शाम करीब सात बजे अशोक यादव का फोन लगाया गया मगर रिसीव नहीं हुआ।

 मामले की जांच के लिए मुझसे कहा गया था लेकिन कुछ चीजें ऐसी थी जो मेरे स्तर की नही थी। इसलिए मैंने मामले की संबधित फाइल डीएम को भेज दी है। - डॉ. जितेंद्र कुमार गौतम, संयुक्त निदेशक

 

Posted By: Ravi Mishra

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