बरेली, जेएनएन। कोरोना के बीच अब जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर फिर से लौटने लगी है। कोरोना से बचाव के लिए खास तौर पर फोकस सफाई व्यवस्था पर है लेकिन कूड़ा का निस्तारण न होने से इसमें पलीता लग रहा है। ऐसे में शहर से रोजाना निकलने वाला कूड़ा निगम के लिए चुनौती बना है। हालांकि निगम ने इसके लिए कार्ययोजना बनाई है लेकिन इस कार्ययोजना को जमीनी स्तर पर लागू करना आसान नहीं होगा।

कोरोना से बचाव के लिए जागरुकता और सफाई कारगर हथियार बताए गए हैं। हालांकि शहर से निकलने वाला रोजाना चार सौ टन कूड़ा इसमें बाधक बना हुआ है। नगर निगम तैयारी के दावे तो कर रहा है लेकिन ये दावे कितने कारगर होंगे। ये कुछ ही दिनों में पता चलेगा। लॉकडाउन के दौरान बाजार बंद रहने और आवागमन कम होने से इसमें 10 से 15 प्रतिशत की कमी देखी गई। अब जब जीवन सामान्य होने लगा है तो कूड़ा फिर से बढऩे लगा है। जबकि अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट प्लांट बनकर तैयार नहीं है। कोरोना की वजह से मास्क, ग्लब्स और दूसरा संक्रमित कचरा भी नगर निगम के लिए समस्या बना हुआ है।

क्या है तैयारी

अधिकारियों का दावा है कि शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दो हजार सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। इसके साथ अभी तक 54 वार्डों से डोर टू डोर कूड़े का कलेक्शन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक महीने के अंदर शहर के सभी वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन होने लगेगा। प्लांट के लिए फरीदपुर के सथरा में जमीन की खरीद हो रही है। शनिवार को भी दो किसानों से बैनामा कराया गया है। वही डीपीआर भी इसका तैयार किया जा रहा है। हालांकि प्लांट बनने में अभी करीब एक साल लगेगा। तब तक बाकरगंज और शहर से निकलने वाले कूड़े की स्क्रीनिंग करके उसे ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने टेंडर भी कर दिया है।

25 सौ का लगेगा जुर्माना

नगर निगम ने संक्रमित कचरे को फैलाने पर भी रोक लगाई है। इसके लिए जुर्माने का प्रावधान किया है। अगर कोई भी क्वारंटाइन या कोरोना से प्रभावित परिवार ठोस अपशिष्ट पदार्थ को सफाई कर्मचारियों को देता है तो उस पर 25 सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं मास्क को कूड़ा के साथ फेंकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर तीन सौ रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

होम कंपोस्ट को बढ़ावा

वहीं अब लोगों को भी होम कंपोस्ट के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही जो जिस कूड़ा से खाद बन सकती है। उसे होम कंपोस्ट में खाद बनाकर नर्सरी पेड पौधे में इस्तेमाल के लिए जागरुक किया जाएगा। वहीं पार्क में पिट कंपोस्ट बनाए जाएंगे। जहां पर पार्क में होने वाले कूड़े की खाद बनाई जाएगी और उसे पार्क के पौधे के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

दो करोड़ रुपये का प्रावधान

कार्यकारिणी ने बजट में कोरोना के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जिससे सफाई कर्मचारियों को ग्लब्स और मास्क दिए जा सकें। इसके साथ उन सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट भी जा रही है जो कंटेनमेंट जोन में सफाई व्यवस्था के लिए जाते हैं।

174 नालों की सफाई

नालियों में पानी न रुके और बरसात के समय नाले जाम न हो। इसके लिए नाले साफ करवाए जा रहे हैं। अब तक करीब 83 नाले साफ करवाए जा चुके हैं। वहीं 20 जून तक बाकी नाले भी साफ करवाए जाने हैं।

सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। हमने कई प्रावधान किए हैं जो सफाई व्यवस्था को कारगर बनाने में अहम साबित होंगे। - अजीत कुमार सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त

 

Posted By: Ravi Mishra

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