जागरण संवाददाता, बरेली: एक साफ्टवेयर इंजीनियर को 4299 रुपये का वायरलेस इयरबड्स एक लाख रुपये का पड़ गया। इंजीनियर ने एक एप के जरिये वायरलेस इयरबड्स आर्डर किये थे और रकम भी अदा कर दी थी। खरीदारी के बाद अचानक उसने आर्डर कैसिल कर दिया और रकम वापसी के लिए कंपनी को ट्वीट किया। ट्विटर से उसका फोन नंबर मांगा गया, फोन करने वाला ठग निकला। ठग ने इंजीनियर के खाते की जानकारी हथियाकर दो बार में करीब एक लाख रुपये उड़ा दिए।

किला के खन्नू मुहल्ले के साफ्टवेयर इंजीनियर शिवम टंडन के मुताबिक, 21 अक्टूबर को क्रेड एप के जरिए आनलाइन एक जोड़ी वायरलेस इयरबड्स आर्डर कर 4,299 रुपये भी अदा कर दिए। फिर आर्डर कैंसिल कराने के लिए कंपनी से संपर्क किया लेकिन, कोई संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी को ट्वीट कर आर्डर निरस्त करने की बात कही तो कंपनी की ओर से मोबाइल नंबर मांगा गया। दो दिन बाद 23 अक्टूबर को कंपनी की ओर से फोन आया और रकम वापसी के लिए एप के अंदर अकाउंट की जानकारियां भरने की बात कही। फोन करने वाला शिवम के आर्डर से जुड़ी पूरी जानकारी दे रहा था, इसलिए वह उसपर भरोसा कर बैठा। उसने स्टेट बैंक आफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड की जानकारी एप में भर दी। जानकारी का विवरण पूर्ण होते ही उसके मोबाइल पर दो बार ओटीपी आया और दोनों बार में उनके खाते से 96,967 रुपये उड़ गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने संबंधित नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। शिवम ने एसएसपी व साइबर सेल से मामले की शिकायत की है।

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